अयोध्या में राम मंदिर निर्माण अब हरहाल में जल्द ही हो: सन्त महन्त

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विजय दूत न्यूज़ नेटवर्क से विकास पाण्डेय।

श्रीरामजन्मभूमि न्यास अध्यक्ष महन्त नृत्यगाेपाल दास महाराज के ८१वें जन्माेत्सव के अवसर पर आयाेजित विराट संत-सम्मेलन में जहां…

अयाेध्या।श्रीरामजन्मभूमि न्यास अध्यक्ष महन्त नृत्यगाेपाल दास महाराज के ८१वें जन्माेत्सव के अवसर पर आयाेजित विराट संत-सम्मेलन में जहां राममन्दिर एक बार फिर से चर्चा का विषय बना रहा। वहीं अयाेध्या पूरे दिन सुर्खियों में रही। संत-धर्माचार्याें ने एक बार फिर से राममन्दिर का राग अलापा। सम्मेलन में देश-विदेश के सन्ताें की माैजूदगी रही। संत तुलसीदास याेग एवं प्राकृतिक चिकित्सालय, वासुदेवघाट के प्रांगण में आयाेजित संत-सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए ज्याेतिष पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानन्द सरस्वती ने कहाकि हम सब पीएम नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल का स्वागत करते हैं। पीएम कानून बनाकर या अध्यादेश लाकर राममन्दिर का निर्माण करवाएं। जिस तरीके से साेमनाथ के मन्दिर का निर्माण हुआ था। उसी तर्ज पर अयाेध्या में रामलला के भव्य मंदिर का निर्माण हाेना चाहिए। तुलसी पीठाधीश्वर जगद्गुरू रामानंदाचार्य स्वामी रामभद्राचार्य ने कहाकि पीएम नरेन्द्र मोदी के अंतरंग सूत्राें से हमें पता चला है कि उनकी प्रतिज्ञा है जब तक श्रीरामजन्मभूमि पर रामलला के भव्य मन्दिर का निर्माण नही हो जायेगा। तब तक वह अयाेध्या रामलला का दर्शन करने नही आयेंगे। अपनी उस प्रतिज्ञा काे पूर्ण करने के लिए माेदी सतत प्रयत्नरत हैं। जगदगुरू ने कहाकि मेरा आत्मविश्वास कह रहा है कि अगली बार जब हम लाेग न्यास अध्यक्ष का जन्माेत्सव मनायेंगे। तब तक राममन्दिर का निर्माण प्रारम्भ हो चुका हाेगा। श्रीरामजन्मभूमि बनने में अब देरी नही है। अयाेध्या हमारी थी, हमारी है और हमारी रहेगी। अयाेध्या रामानंदियाें का गढ़ है। उन्होंने कहाकि अगले ६ दिसम्बर २०१९ में हम सब काेई निर्णायक परिस्थिति का दर्शन करेंगे। आज हिन्दुत्व का वर्चस्व बढ़ा है। यहां तक कि अमेरिका के व्हाइट हाउस में भी दुर्गा सप्तशती का पाठ हाेने लगा है। आचार्य धर्मेन्द्र ने कहाकि राममन्दिर सन्ताें और रामभक्ताें की शक्ति से बनेगा। मैं सबका साथ और सबका विकास में विश्वास नही रखता हूं। हम सभी का केवल रामभक्ताें का साथ व रामभक्ति का विकास में उद्देश्य रहना चाहिए। उन्होंने पीएम नरेन्द्र माेदी पर प्रश्न चिन्ह लगाते हुए कहाकि अब तक वह रामलला का दर्शन करने अयाेध्या क्याें नही आए? माेदी काे केवल और केवल रामलला ने प्रधानमंत्री बनाया है। इस बात को वह बखूबी जानते भी हैं। फिर रामलला का दर्शन करने क्याें नही आते। अयाेध्या, काशी और मथुरा तीनाें लेंगे हम एक साथ। वहीं श्रीरामजन्मभूमि न्यास के वरिष्ठ सदस्य पूर्व सांसद रामविलास दास वेदान्ती ने कहाकि माेदी और याेगी सरकार ही रामलला के भव्य मन्दिर का निर्माण करवायेगी। बस धैर्य रखिए मन्दिर का निर्माण बहुत जल्द हाेगा। प्रधानमंत्री किसी एक जाति का नही पूरे देश का हाेता है। वह हिन्दू, मुस्लिम, सिक्ख, ईसाई सबका है। वेदान्ती ने कहाकि नरेन्द्र मोदी भारत के पहले एेसे प्रधानमंत्री हैं। जिनका अमेरिका के एयरपोर्ट पर स्वागत करने वहां का राष्ट्रपति जाता है। एेसा भारतीय इतिहास में पहली बार हुआ है। इससे पहले मुख्य अतिथि डिप्टी सीएम केशव प्रसाद माैर्या ने दीप प्रज्वलन कर संत-सम्मेलन का शुभारम्भ किया गया।संत-सम्मेलन में मुख्य रूप से जगदगुरू रामानुजाचार्य स्वामी वासुदेवाचार्य, जगद्गुरू स्वामी रामदिनेशाचार्य, जगद्गुरू रामानुजाचार्य स्वामी विश्वेश प्रपन्नाचार्य, स्वामी विश्वेशतीर्थ उडुपी, अखिल भारतीय संत समिति अध्यक्ष महन्त अविचल दास, इण्टर नेशनल गीता वर्ल्ड फाउन्डेशन अमेरिका के याेगी आनंद, मणिराम छावनी उत्तराधिकारी महन्त कमलनयन शास्त्री, जगद्गुरू रामानंदाचार्य स्वामी रामकृष्णाचार्य नेपाल, सदगुरू सदन महन्त सियाकिशाेरी शरण, जबलपुर पीठाधीश्वर महन्त श्यामदेवाचार्य, दशरथ महल पीठाधीश्वर विन्दुगाद्याचार्य महन्त देवेन्द्रप्रसादाचार्य, दिगम्बर अखाड़ा महन्त सुरेश दास, उदासीन आश्रम रानाेपाली के महन्त डॉ. भरत दास, रामकथा मण्डप महन्त डॉ.रामानंद दास, अयाेध्या संत समिति अध्यक्ष महन्त कन्हैयादास रामायणी, श्रीरामवल्लभाकुंज के महन्त रामशंकर दास वेदान्ती, महन्त गिरीशपति त्रिपाठी, तपस्वी छावनी महन्त स्वामी परमहंसदास, महन्त नारायणाचारी, डॉ. सुनीता शास्त्री, स्वामी दिलीप दास त्यागी, महन्त रामकुमार दास, महन्त बृजमाेहन दास, स्वामी शक्तिशान्तानंद केरल, रेवासा पीठाधीश्वर स्वामी राघवाचार्य, नवलकिशाेर दास दिल्ली, महन्त रामशरण दास गुजरात, पागल बाबा झांसी, महन्त सीताराम दास त्यागी, हरिशंकर दास वेदान्ती, विहिप केन्द्रीय मंत्री राजेन्द्र सिंह पंकज, विहिप प्रान्तीय प्रवक्ता शरद शर्मा आदि उपस्थित रहे।

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