मखौड़ा घाट पर पुण्य सलिला मनोरमा की हुई महाआरती

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बस्ती से विकास पाण्डेय



*मखक्षेत्र मित्र मंडल के तत्वावधान में जन सेवा के तहत किया शर्बत वितरण *
* घाटों की सफाई कर नदी की निर्मलता के लिए लोगों को दिलाया संकल्प*
*मखौड़ा धाम* ज्येष्ठ पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित मां मनोरमा की महाआरती से मखौड़ा घाट की अलौकिकता देखते ही बनी। मखक्षेत्र मित्र मंडल के तत्वावधान में क्षेत्र के सम्भ्रान्त लोगों ने मां मनोरमा की आरती की। इससे पहले घाटों की सफाई कर नदी की स्वच्छता का संकल्प लिया गया। साथ ही प्याऊ लगा कर राहगीरों को शर्बत पिलाया गया।
चक्रवर्ती सम्राट महाराज दशरथ के पुत्र कामेष्ठि यज्ञस्थल मखधाम मखौड़ा में कार्यक्रम की शुरुआत घाटों की सफाई के साथ हुई। इस क्रम में मित्र मंडल के पदाधिकारियों को पुण्य सलिला को निर्मल बनाने का संकल्प दिलाया गया। आरती के मौके पर मां मनोरमा और मां जगदम्बा के चित्रों को पुष्पों से सुशोभित किया गया था। राम जानकी मंदिर के महंत सूर्य नारायण दास वैदिक की मण्डली के पंडितों ने पूजा-अर्चना कराई। इसके बाद मखौड़ा धाम मंदिर के पुजारी सूर्य नारायण दास वैदिक राधेश्याम तिवारी देवी प्रसाद राम पाल मिश्रा अरविंद पांडे रामप्रसाद देवराज मिश्रा चंद्रधर शुक्ला रामसेवक बर्मा आदि ने माँ मनोरमा की 51 दीपों से आरती उतारी। इस दौरान मखौड़ा तट नमोस्तुते मां मनोरमा…से गुंजायमान रहा। आरती के बाद मखौड़ा के उत्थान और नदी की स्वच्छता पर चर्चा हुई। लोगों ने घाटों के सुंदरीकरण और पुण्य सलिला की सफाई के लिए आवाज उठाई। महासचिव रामपाल मिश्र ने मां मनोरमा के महात्म्य के साथ प्रकाश डाला। कहा कि सनातन ग्रन्थों में मनोरमा नदी मनुष्य को मुक्ति प्रदान करने वाली बताया गया है। पर, जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते नदी के अस्तित्व पर छा गया है। वहीं, विनोद कुमार पांडेय ने भी नदी की हालत पर चिंता जताई। साथ ही समाज के लोगों से मिलजुल कर मनोरमा को पुनर्जीवित करने में योगदान देने की अपील की।

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