•जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश धनगर बोले- निजीकरण से हजारों लोगों की आजीविका पर पड़ेगा संकट
रिपोर्ट: विजय नागपाल।
मथुरा। ऑनलाइन रजिस्ट्री प्रणाली के निजीकरण के विरोध में रजिस्ट्री कार्यालय परिसर में चल रहे धरना-प्रदर्शन को मंगलवार को जिला कांग्रेस कमेटी का समर्थन मिला। जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश धनगर ने धरना स्थल पर पहुंचकर दस्तावेज लेखक (कातिब), स्टांप वेंडर एवं मुंशियों की मांगों का समर्थन करते हुए प्रदेश सरकार के निर्णय का विरोध किया।
धरने को संबोधित करते हुए मुकेश धनगर ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा रजिस्ट्री प्रक्रिया के ऑनलाइन सिस्टम का निजीकरण किया जाना चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि निजीकरण से व्यवस्था की पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न खड़े होंगे, वहीं इससे रजिस्ट्री कार्यालय से जुड़े हजारों लोगों की आजीविका प्रभावित होगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश पहले से ही बढ़ती बेरोजगारी और महंगाई की समस्या से जूझ रहा है। ऐसे समय में दस्तावेज लेखकों, स्टांप वेंडरों और मुंशियों के रोजगार पर संकट खड़ा करना उचित नहीं है। यदि ऑनलाइन रजिस्ट्री प्रणाली का निजीकरण लागू किया गया तो बड़ी संख्या में लोग बेरोजगार हो जाएंगे और उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो जाएगा।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस पार्टी रजिस्ट्री प्रणाली के निजीकरण का पुरजोर विरोध करती है और प्रदेश सरकार से इस निर्णय को तत्काल वापस लेने की मांग करती है।
इस अवसर पर जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष आदित्य तिवारी एडवोकेट, अश्वनी शुक्ला एडवोकेट, दीपक दीक्षित एडवोकेट, करन निषाद, गौरांग अग्रवाल सहित अनेक कांग्रेस कार्यकर्ता एवं धरनारत कर्मचारी उपस्थित रहे।