•कूड़ा सड़क पर डालने के आरोप से बढ़ा विवाद, व्यापारियों ने अधिकारियों के निलंबन की मांग उठाई।
हरिद्वार से शैलेंद्र कुमार की रिपोर्ट।
हरिद्वार (उत्तराखंड)। हरिद्वार में नगर निगम के अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान मंगलवार को व्यापारियों और नगर निगम अधिकारियों के बीच विवाद बढ़ गया। अभियान के चौथे दिन टैक्सी स्टैंड के समीप स्थित एक होटल के बाहर दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसके बाद मामला और गरमा गया।

जानकारी के अनुसार, नगर निगम की टीम अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर रही थी। इसी दौरान टैक्सी स्टैंड के पास स्थित अमृतसरी होटल के निकट व्यापारियों और अधिकारियों के बीच कहासुनी हो गई। विवाद के बाद नगर निगम अधिकारियों ने कोतवाली में तहरीर दी।
व्यापारियों का आरोप है कि इसके बाद निगम कर्मियों ने एक ट्रॉली में कूड़ा लाकर होटल के बाहर डाल दिया, जिससे कूड़ा सड़क पर फैल गया और दोनों ओर यातायात बाधित हो गया।
घटना से नाराज व्यापारियों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया और जाम लगा दिया। विरोध के चलते अपर रोड, मोती बाजार और हरकी पैड़ी बाजार के अनेक प्रतिष्ठान बंद हो गए। व्यापारियों में नगर निगम प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश देखने को मिला।
व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष संजीव नैयर ने कहा कि व्यापारियों की ओर से भी कोतवाली में तहरीर दी जाएगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि संबंधित नगर निगम अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें निलंबित नहीं किया गया, तो व्यापार मंडल व्यापक आंदोलन शुरू करेगा।
उन्होंने बताया कि फिलहाल तीन इकाइयों ने अपने प्रतिष्ठान बंद किए हैं, लेकिन मांगें पूरी न होने पर रानीपुर मोड़ से हरिपुर कला तक की सभी 61 व्यापारिक इकाइयों को अनिश्चितकाल के लिए बंद कराया जाएगा।
घटना के बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना रहा। पुलिस और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।