गांव में रोजगार के अवसर।

कोरोना संकट काल में शहरों से गांव की ओर पलायन कर रहे प्रवासी श्रमिकों के जीवन यापन के लिए गांव में रोजगार के अवसर की तलाश कर रहे हैं प्रवीण कुमार तिवारी।

प्रवीण कुमार
लेखक स्तंभकार हैं।

कोरोना महा संकट के कारण लाखों लोग शहरों से अपने गांव वापस आ रहे हैं। इन वापस लौट रहे लोगों के समक्ष सबसे बड़ी समस्या है कि कौन सा काम करें जिससे यहां इतनी आमदनी हो जाए कि उन्हें मजबूर होकर फिर से शहर न जाना पड़े। इसलिए आइए गांव में रोजगार के अवसरों को तलाशते हैं।

पशुपालन भारतीय ग्रामीण समाज में आय का एक प्रमुख माध्यम बन सकता है। कृषि,ग्रामीण परिवेश में आज भी असीम संभावनाओं से भरा क्षेत्र है। बागवानी जिसमें फलदार वृक्षों जैसे आम,कटहल,आंवला,जामुन,बेर,नींबू जैसे पेड़ लगाकर उनसे आय सुनिश्चित की जा सकती है। मुर्गी पालन,सुअर पालन,मछली पालन आदि के द्वारा भी ग्रामीण परिवेश में आमदनी बढ़ाई जा सकती है।                 

दूध और इससे बने उत्पाद जैसे पनीर, खोया, छेना, दही, देसी घी आदि के द्वारा आय सुनिश्चित की जा सकती है।आटा, तेल, मसाले का भी व्यापार किया जा सकता है। कृषि संयंत्र जैसे ट्रैक्टर हार्वेस्टर आदि के माध्यम से भी धन कमाया जा सकता है। राजमिस्त्री,पेंटर, कारपेंटर,सैलून, ड्राई क्लीनिंग, इलेक्ट्रीशियन, ब्यूटीशियन, टेलर आदि कुशल श्रम के द्वारा निश्चित आमदनी की जा सकती है।     

ट्यूशन, कोचिंग शिक्षण के द्वारा भी आय बढ़ाई जा सकती है। सब्जी की खेती के द्वारा वर्तमान समय में कम जमीन और थोड़ी पूंजी के माध्यम से ठीक-ठाक आय सृजित की जा सकती है। फ्लोरीकल्चर या फूलों की खेती भी एक बेहतर विकल्प है। हॉर्सीकल्चर या स्टड फार्मिंग के द्वारा घोड़ों का पालन और व्यापार करके आय में वृद्धि संभव है। देशी खाद,वर्मी कम्पोस्ट,हरी खाद का उत्पादन करके न केवल ऑर्गेनिक और प्राकृतिक कृषि की जा सकती है बल्कि  इसे बेचकर धन भी कमाया जा सकता है।             

वास्तव में ग्रामीण जीवन में बहुस्तरीय प्रबंधन करके अच्छी आय और बेहतर स्वास्थ्य के साथ प्राकृतिक और सुखी जीवनयापन किया जा सकता है। जिसे शहरों में तलाशना मुश्किल है। यदि यहां उपलब्ध संसाधनों का बेहतर तरीके से उपयोग किया जाए तो आए हुए लोगों को न केवल सम्मानित रोजगार मिल सकता है बल्कि भारत के अर्थव्यवस्था में इन मानवीय संसाधनों का सकारात्मक सहयोग भी प्राप्त किया जा सकता है।               

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