कैदियों ने एड्स और टीबी के प्रति किया जागरूक।

-एचआईवी व टीबी के प्रति जागरूकता फैलाने पर डीटीओ व वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने कैदियों को प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित।

अलीगढ़ से सौरभ पाठक की रिपोर्ट।

अलीगढ़। जनपद के जिला कारागार में सुभिक्षा प्लस एचआईवी उत्तरप्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी एवं जेल विभाग उत्तरप्रदेश के निर्देशन में कार्य करने वाले चिन्हित स्वयंसेवक कैदियों को जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ अनुपम भाष्कर एवं वरिष्ठ जेल अधीक्षक ब्रजमोहन सिंह यादव द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अनुपम भास्कर ने कैदियों को देश का भविष्य बताते हुए देश के विकास में योगदान देने का आह्वान किया। इस मौके पर जिला क्षय रोग अधिकारी ने कहा – कि आज का युवा देश का भविष्य है, अगर वह सही दिशा पकड़े तो देश दिन दोगुनी रात चौगुनी तरक्की करेगा। उन्होंने कहा कि युवा वर्ग अपना ध्यान देश के विकास में सकारात्मक दृष्टिकोण की तरफ लगाए तो देश के विकास को कोई रोक नहीं सकता है। युवा अपने प्रयास व प्रयत्न करे तो केवल वह अपना जीवन ही सुधार सकता है, बल्कि अपने परिवार व समाज को भी ऊंचा उठा सकता है।

वरिष्ठ जेल अधीक्षक ब्रजेश कुमार यादव ने कहा कि हर युवा को एड्स के प्रति जानकारी होना आवश्यक है। एचआईवी, एड्स मुख्य असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित खून, संक्रमित सुई और यदि कोई महिला एचआईवी पॉजिटिव है और गर्भवती है तो उसके बच्चे को भी एचआईवी हो सकता है। इसलिए खासकर युवाओं को इससे सावधान रहना चाहिए।

जिला कार्यक्रम समन्वयक सतेंद्र कुमार ने बताया कि इसी प्रकार टीबी के प्रति भी जागरूक रहने की जरूरत है। एक सप्ताह से अधिक खांसी टीबी हो सकती है। इसलिए तुरंत इसका उपचार करवाना चाहिए। धूम्रपान व नशीली वस्तुओं से दूर रहना चाहिए। युवा वर्ग कुछ बुरी आदतों और नशे का शिकार हो रहा है, नशा व्यक्ति को खोखला कर देता है। इसलिए हमें नशे से दूर रहना चाहिए।

जिला टीबी एचआईवी समन्वयक नईम अहमद ने बताया अकसर टीबी का समय पर पता नहीं चल पाता है। इसकी वजह है कि लोग इसके बारे में जागरूक नहीं हैं और इसके लक्षणों को लंबे समय तक नजरअंदाज करते रहते हैं। ऐसे में आपको टीबी के बारे में जानकारी होना बेहद जरूरी है।

इस अवसर पर जेलर पी.के. सिंह, डिप्टी जेलर राजेश कुमार राय, सुरेश कुमार जेल फार्मासिस्ट आनन्द कुमार पाण्डेय, दिनेश कुमार वर्मा तथा सुभिक्षा प्लस एन.जी.ओ. से प्रोजेक्ट कोआर्डिनेटर सद्दाम हुसैन, पीपीएम कोऑर्डिनेटर पीयूष अग्रवाल व डेविड कुमार शाही, अरविंद कुमार व अन्य स्टाफ मौजूद रहा।

“टीबी का एक प्रमुख लक्षण है खांसी। अगर आपको तीन हफ्ते से ज्यादा समय से खांसी हो तो इसे नजरअंदाज न करें।” – जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अनुपम भास्कर।

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