फेस मास्क नहीं पहनने तथा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार चालान की कार्यवाही की जाएगी-जिलाधिकारी

● चालान स्थल पर ही पुलिस द्वारा उनसे ₹10 शुल्क लेकर 2 मास्क दिए जाएंगे। ● गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति का उपचार करने में कोरोना जाँच रिपोर्ट की प्रतीक्षा न की जाए तथा आवश्यकतानुसार इलाज किया जाए।

जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन

बस्ती। कोरोना वायरस (कोविड-19) की प्रभावी रोकथाम तथा सतत निष्कर्ष हेतु जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने निर्देश दिया है कि सभी सरकारी तथा निजी चिकित्सालय में पब्लिक एड्रेस सिस्टम लगाया जाए तथा सतत उद्घोषणा रिकॉर्डिंग ऑडियो संदेश के माध्यम से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराते हुए मास्क लगाने हेतु प्रेरित किया जाए।

उन्होंने निर्देश दिया कि सभी उप जिलाधिकारी एवं क्षेत्राधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में अभियान चलाकर लाउडस्पीकर से कोरोना वायरस के बचाव एवं रोकथाम हेतु सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने तथा मास्क का प्रयोग हेतु आम जनमानस में व्यापक प्रचार-प्रसार करायें एवं सतत निगरानी हेतु क्षेत्रों में भ्रमण कर मास्क न पहनने वाले, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार चालान की कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे। चालान स्थल पर ही पुलिस द्वारा उनसे ₹10 शुल्क लेकर 2 मास्क दिए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के दृष्टिगत नगरीय क्षेत्रों/ कस्बे में गंभीर बीमारी से ग्रसित व्यक्तियों तथा कोरोना वायरस बीमारी के लक्षण पाए जाने वाले व्यक्तियों को चिन्हित करने की कार्यवाही, नागरिक संगठनों स्काउट गाइड, एनसीसी, एनएसएस, युवक मंगल दल, रेड क्रॉस सोसाइटी आदि द्वारा नगरीय क्षेत्रों/कस्बों में सतत निगरानी रखते हुए निर्धारित प्रारूप पर व्हाट्सएप के माध्यम से प्रेषित करेंगे।
उन्होंने कहा कि नगरीय क्षेत्र के नागरिक संगठनों के माध्यम से सूचना एकत्रित कराने एवं संकलित करने हेतु परियोजना अधिकारी, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। परियोजना निदेशक डीआरडीए द्वारा एक पृथक संपर्क स्थापित करते हुए सूचना व्हाट्सएप/ फोन के माध्यम से व्हाट्सएप ग्रुप में अथवा दूरभाष पर परियोजना निदेशक जिला ग्राम विकास अभिकरण के मोबाइल नंबर 9415152317 पर एकत्रित की जाएगी।
उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी प्रकार की गंभीर बीमारी से ग्रस्त व्यक्ति में कोरोना के लक्षण की सूचना प्राप्त होने पर परियोजना निदेशक, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण संबंधित एमओआईसी को तत्काल सूचित करेंगे तथा संबंधित एमओआईसी स्वास्थ्य परीक्षण कराए जाने के उपरांत रेफर स्लिप पर कारण अंकित करते हुए, उक्त व्यक्ति को एंबुलेंस के माध्यम से टेस्टिंग हेतु कैली चिकित्सालय भेजें। सीएमएस कैली का उत्तरदायित्व होगा कि ड्यूटी पर तैनात संबंधित चिकित्सक के माध्यम से स्वास्थ्य परीक्षण करवाकर उक्त व्यक्ति का आवश्यकतानुसार सैंपल लेकर इमरजेंसी की स्थिति को देखते हुए व्यक्ति का सैंपल टुनेट मशीन जिला चिकित्सालय अथवा बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर भेजें। गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति का उपचार करने में कोरोना जाँच रिपोर्ट की प्रतीक्षा न की जाए तथा आवश्यकतानुसार इलाज किया जाए।
उन्होंने निर्देश दिया कि परियोजना अधिकारी डीआरडीए द्वारा उक्त नागरिक सहभागिता तंत्र पर सतत निगरानी रखते हुए किसी भी प्रकार की विसंगति के बारे में मुख्य विकास अधिकारी को अवगत करायें एवं नागरिक संगठनों द्वारा की जा रही निगरानी की दैनिक सूचना प्रतिदिन सायं 4:00 बजे तक मुख्य विकास अधिकारी तथा अधोहस्ताक्षरी के समक्ष निर्धारित प्रारूप पर प्रस्तुत करेंगे।

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