कोविड-19 के चलते बच्चों की ऑनलाइन क्लासेस से बढ़ रही हैं अभिभावकों की मुश्किलें।

हरिद्वार (उत्तराखंड) से अरविंद गोयल की रिपोर्ट।                                               

हरिद्वार जिले के रुड़की शहर में कोविड-19 के चलते बच्चों की ऑनलाइन क्लासेस ने अभिभावकों की मुश्किलों को बढ़ा दिया है। ऑनलाइन मिलने वाले कार्य को अधिकांश बच्चे कर नहीं पा रहे हैं जिसके चलते बच्चों का कार्य अभिभावक पूरा करा रहे हैं। अभिभावकों के मोबाइल भी अब पूरा पूरा दिन बच्चों के पास ही रहते हैं। जिससे कि अभिभावकों को आवश्यक कॉल तक करने में दिक्कतें हो रही हैं। कोरोना वायरस संक्रमण महामारी के चलते मार्च में शुरू हुए लॉक डाउन के बाद से ही सभी स्कूल बंद हैं। बच्चों का घर ही उनका क्लास रूम बन गया है। स्कूलों ने भी ऑनलाइन क्लासेस चलाई हुई हैं। यह क्लासेस स्कूल के समय से ही शुरू हो जाती हैं। मोबाइल फोन आदि के माध्यम से ही बच्चे ऑनलाइन क्लासेस में शामिल होते हैं। बच्चों की ऑनलाइन क्लासेस दोपहर तक चलती हैं। ऑनलाइन क्लासेस खत्म होने के बाद भी शिक्षकों के द्वारा दिए गए कार्य को करने में जुट जाते हैं। बच्चे इस कार्य के लिए अभिभावकों का सहयोग लेते हैं। अभिभावकों का कहना है कि ऑनलाइन क्लासेस के द्वारा मिलने वाले कार्य को पूरा करने के लिए पूरे दिन ही मोबाइल बच्चों के पास रहता है। जिससे वह अपने आवश्यक कॉल भी नहीं कर पाते। इसमें सबसे अधिक परेशानियां गृहणियों को आ रही हैं। प्रेम नगर निवासी प्रीति का कहना है कि बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई के कारण उनका जन जीवन भी अस्त व्यस्त हो गया है। बच्चों को अब अधिक समय देना पड़ रहा है। डिफेंस कॉलोनी निवासी शिखा का कहना है कि ऑनलाइन क्लासेस के द्वारा मोबाइल फोन पर बच्चों को मिलने वाले कार्य के कारण उनका मोबाइल फोन बच्चों के पास ही रहता है। स्कूल के शिक्षक भी ऑनलाइन क्लासेस लेने के बाद भी वाट्सएप पर काम भेजते रहते हैं। मकतूल पुरी निवासी रुचि का कहना है कि स्कूलों को एक निर्धारित समय रखना चाहिए उसके बाद कोई भी कार्य नहीं देना चाहिए।

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