कोरोना के नए वैरीएंट के मद्देनजर जांच प्रक्रिया में तेजी लाने व जिनोम सीक्वेंसिंग के लिए डीएम ने स्वास्थ्य विभाग को किया निर्देशित।

कोविड-19 के नए वैरीएंट से पैनिक होने की आवश्यकता नहीं है बल्कि पूरी सतर्कता एवं सजगता से कार्य करें – डीएम।

बस्ती। कोविड-19 के नए वैरीएंट के मद्देनजर जांच प्रक्रिया में तेजी लाने तथा रिपोर्ट पॉजिटिव होने पर जिनोम सीक्वेंसिंग के लिए जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया है। सीएमओ, सीएमएस, जिला एवं महिला अस्पताल तथा ओपेक कैली को लिखे पत्र में उन्होंने निर्देश दिया है कि पूर्व में कोविड-19 के समय निर्धारित प्रोटोकाल का सभी डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ, मरीज, तीमारदार अनुपालन सुनिश्चित करें। कोविड-19 के लिए अलग से वार्ड आरक्षित करें तथा मास्क का नियमित प्रयोग करें।

जिलाधिकारी ने कहा है कि कोविड-19 के नए वैरीएंट से पैनिक होने की आवश्यकता नहीं है बल्कि पूरी सतर्कता एवं सजगता से कार्य करें। ईआईसीयू कार्यक्रम को पुनः संचालित किया जाए, पूर्व में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग के लोग जो टेली मोड में प्रशिक्षण करते थे, उसे भी प्रारंभ किया जाए। उन्होंने निर्देश दिया है कि हेल्थ वर्कर की कमियों को पूरा कर लिया जाए, जिन हेल्थ वर्कर को वैक्सीनेशन की बूस्टर डोज नहीं लगी है, उनका वैक्सीनेशन कराया जाए।

जिलाधिकारी के निर्देश पर एकीकृत कोविड एवं कंट्रोल सेंटर (ICCC) का विकास भवन सभागार में पुन संचालन शुरू किया जा रहा है। पूर्व की भांति इसमें अधिकारियों- कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसमें स्थापित 05542287774 तथा 7398372931 फोन नंबर सक्रिय किया गया है। यह कंट्रोल रूम 24 घंटे कार्य करेगा और इस नंबर पर कोविड-19 संबंधी किसी प्रकार की सूचना दी जा सकेगी।

एकीकृत कोविड एवं कंट्रोल सेंटर को पुनः प्रभावी करते हुए जिलाधिकारी ने इसके लिए तैनात सभी अधिकारियों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। नए आदेश के अनुसार एंट्री प्वाइंट पर तथा क्वॉरेंटाइन सेंटर में सैम्पलिंग के लिए एसीएमओ डॉ. सी. एल. कंनौजिया तथा बीएसए डॉ. इंद्रजीत प्रजापति को नोडल बनाया गया है। जिला प्रशिक्षण अधिकारी तथा सभी उप जिलाधिकारी एवं एमओआईसी इस कार्य में उनका सहयोग करेंगे। कांट्रैक्ट ट्रेसिंग के लिए एडीएम कमलेश चंद्र, एसीएमओ डॉ. ए. के. गुप्ता, पीडी कमलेश सोनी तथा डीपीआरओ नमिता शरण, पुलिस क्षेत्राधिकारी आलोक कुमार को नोडल नामित किया गया है।

जिलाधिकारी ने कोविड-19 पॉजिटिव मरीजों को एल-1 एवं एल-2 में बेड उपलब्ध कराने के लिए बीएसए, डीएमओ, डीएसओ, डीडीएजी, उमेश कुमार तथा सीओ सिटी आलोक को नोडल नामित किया गया है। कोविड-19 अस्पतालों के मॉनिटरिंग तथा वहां से दिल्ली फीडबैक प्राप्त करने के लिए एसीएमओ डॉ. विनोद कुमार तथा काउंसलर आनंद गौरव शुक्ला को नोडल नामित किया गया है। कोविड-19 मरीजों को तेजी से अस्पताल तक पहुंचाने के लिए एंबुलेंस भेजने के लिए एआरटीओ, डॉक्टर रुपेश हलधर. डॉ.एस. बी. सिंह तथा राकेश पांडे को नोडल बनाया गया है। विशेष सैनिटाइजेशन अभियान के लिए एडीएम तथा डीपीआरओ को नोडल नामित किया गया है।

जिलाधिकारी ने बताया कि होम आइसोलेशन तथा कोविड-19 सेंटर में रह रहे कोविड-19 मरीजों की दिल्ली मॉनिटरिंग के लिए बीएसए डीएमओ, डीएसओ, डीडी एजी, डॉ. स्वाति त्रिपाठी, डॉ. सुधाकर पांडे, आनंद गौरव शुक्ला को नोडल नामित किया गया है। रिपोर्टिंग कार्य के लिए अर्थ एवं संख्या अधिकारी मो. सादुल्लाह खान तथा ऑक्सीजन इंचार्ज जिला प्रशिक्षण अधिकारी डॉ. विजय प्रताप यादव को नोएडा नामित किया गया है। कोविड-19 टीकाकरण के लिए सीडीओ डॉ. राजेश कुमार प्रजापति, बेसिक शिक्षा अधिकारी तथा जिला पूर्ति अधिकारी नोडल नामित किए गए हैं। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि यह सभी अधिकारी आपस में समन्वय बनाकर निर्धारित कार्यों को पूरा करेंगे।

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