प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि कार्यक्रम का किया गया सजीव प्रसारण।

धर्मेन्द्र कुमार पांडेय की रिपोर्ट। 

प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम का सजीव प्रसारण

कृषि विज्ञान केंद्र, बस्ती पर 25 दिसंबर 2020 दिन शुक्रवार को पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी बाजपेई के जन्म दिवस को सुशासन दिवस के रूप में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने “प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि हस्तांतरण” का शुभारंभ किया। जिसका सजीव प्रसारण कृषकों, छात्रों, कृषक महिलाओं को दिखाया गया। इस सजीव प्रसारण में माननीय प्रधानमंत्री जी ने देश के विभिन्न प्रदेशों के कृषकों से संवाद किया तथा नौ करोड़ कृषकों के खातों में किसान सम्मान निधि के अंतर्गत अट्ठारह हजार करोड़ की नई किस्त का हस्तांतरण किया।           

इस कार्यक्रम के अंतर्गत किसान गोष्ठी का भी आयोजन किया गया। जिसका उद्घाटन अशोक कुमार सिंह अध्यक्ष, चेंबर ऑफ कॉमर्स एवं इंडस्ट्री, बस्ती ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार किसानों के हित में विभिन्न लाभकारी योजनाओं का संचालन कर रही है और इसी कड़ी में आज किसान सम्मान निधि के माध्यम से सभी के खातों में सहयोग राशि प्रदान की गई है। इसी के साथ-साथ उन्होंने ऐतिहासिक कृषि बिल पर चर्चा करते हुए कहा कि यह बिल किसानों के लिए बहुत ही लाभकारी है तथा इसका लाभ सभी को भविष्य में मिलेगा।          

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि कर्नल के.सी. मिश्र जी ने जैविक खेती की भविष्य में आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि सभी को जैविक खेती अवश्य अपनाना चाहिए। इसके लिए खेती में पशुपालन का समावेश करना आवश्यक है। खेत में फसल के अवशेष को कभी न जलाएं, उसे खेत में ही सड़ायें तथा मिट्टी का स्वास्थ्य सुरक्षित रखें।            कार्यक्रम के अतिविशिष्ट अतिथि श्री राममूर्ति मिश्र निदेशक, सिद्धार्थ फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी, बस्ती ने अपने संबोधन में कहा कि किसानों को अपने उत्पाद का उचित मूल्य प्राप्त करने के लिए आवश्यक है कि कृषक उत्पाद समूह का गांव स्तर पर गठन किया जाये, जिससे सभी कृषक बंधुओं को अपने कृषि उत्पाद को बेचने में कष्ट न हो तथा समय पर पैसा प्राप्त हो सके। 

केंद्र के अध्यक्ष डॉ. एस.एन. सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया तथा कृषि विज्ञान केंद्र के उद्देश्य पर चर्चा करते हुए कहा कि किसान भाइयों को इस केंद्र से जुड़कर खेती, पशुपालन की नवीनतम तकनीकों को अपनाने के साथ स्वरोजगार कर अधिक-से-अधिक आय अर्जित करें। अग्रणी बैंक के प्रबंधक श्री अरविंद कुमार ने कहा कि बैंकों के माध्यम से कृषि ऋण उपलब्ध होना अब आसान हो गया है। उन्होंने यह भी कहा कि कृषकों के लिए खेती, पशुपालन, मुर्गीपालन, मशरूम उत्पादन आदि पर लोन के लिए बैंक 24 घंटे खुले हैं तथा यदि कोई समस्या होती है तो इसके समाधान हेतु बैंक प्रबंधक से मिलें, उन्होंने भरोसा दिलाया कि कृषकों की समस्याओं का निवारण तुरंत किया जायेगा।            गोष्ठी में डॉ डी.के. श्रीवास्तव ने जैविक खेती में पशुपालन का महत्व डॉ राकेश शर्मा ने रबी फसलों के बीजोत्पादन तकनीक, डॉ. आर.वी. सिंह ने रबी फसलों में उर्वरक व खरपतवार प्रबंधन एवं डॉ प्रेम शंकर ने रबी फसलों में रोग एवं कीट प्रबंधन तथा मशरूम उत्पादन तकनीक पर  विस्तृत जानकारी दी। इस कार्यक्रम में प्रगतिशील कृषक ध्रुव नारायण चौधरी, कृषक महिलाएं गीता, नगमा, सुमन आदि एवं विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्रों के साथ ही साथ लगभग 250 कृषक उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत मे मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि  को नारियल का पौधा दिया गया तथा सभी कृषकों को टमाटर एवं मिर्च के पौधे वितरित किए गए।

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