गुरु पूर्णिमा का महत्व अनंत – डॉ अर्चना

धर्मेन्द्र कुमार पाण्डेय की रिपोर्ट।

वेद और पुराणों का प्रणयन करने वाले वेद व्यासजी को समस्त मानव जाति का गुरु माना जाता है। उनके सम्मान में ही हर वर्ष आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा मनाया जाता है। कहा जाता है कि इसी दिन व्यास जी ने शिष्यों एवं मुनियों को सर्वप्रथम श्री भागवतपुराण का ज्ञान दिया शनिवार को गुरु पूर्णिमा पावन पर्व पर विश्व संवाद परिषद योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा प्रकोष्ठ एवं संकल्प चैरिटेबल ट्रस्ट कटेश्वर पार्क बस्ती के द्वारा जूम एप व फेसबुक पर धूमधाम से ऑनलाइन वर्चुअल मनाया गया। जिसमें एक्यूप्रेशर के जनक स्वर्गी श्री माता प्रसाद खेमका एवं शरीर क्रिया विज्ञान के मर्मज्ञ प्रोफेसर डॉ जी सी अग्रवाल जी के चरणों में सच्चीश्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस कार्यक्रम में दिवंगत दोनों आत्माओं की प्रतिरूप प्रोफेसर डॉ अर्चना दीदी द्वारा गुरु की महिमा का बखान किया गया एवं गुरु का सही मायने में क्या अर्थ है को सुंदर गीतों के माध्यम से बताया।

वहीं पर विश्व संवाद परिषद के राष्ट्रीय महासचिव प्रोफेसर डॉ नवीन सिंह जी ने गुरु की महत्ता पर प्रकाश डालते हुएएक गीत के माध्यम से श्रद्धा सुमन अर्पित किया। दिल्ली प्रदेश की महासचिव डॉ वंदना त्यागी जी ने गुरु के प्रति अपनी निष्ठा प्रकट की वहीं पर विश्व संवाद परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगाचार्य डॉ रमेश चंद्रा जी ने सभी जुड़े हुए लोगों का आभार प्रकट किया एवं गुरु के चरणों में समर्पित एक गीत के माध्यम से अपनी संवेदना प्रकट की एवं सभी से गुरु के प्रति शिष्य का संकल्प दोहराया। और गुरु के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम में सम्मिलित इंजीनियर जयपाल दास ,के सी गोयल संजय त्रिपाठी , जे पी सिंह, राम मोहन पाल,श्रवण कुमार गोंड,सरिता पटेल,सन्नो दुबे सारांश पाठक,सिद्धार्थ चौधरी, रंजीत चौधरी समेत कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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