हिंदी दिवस पर योग शिक्षक हुए सम्मानित।

समर्थ गुरु के मार्गदर्शन में अभ्यास करना अत्यंत आवश्यक -डॉ नवीन सिंह।

बस्ती। विश्व संवाद परिषद योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा प्रकोष्ठ के तत्वावधान में आज हिंदी दिवस के शुभ अवसर पर आस्था आयुर्वेदिक एक्यूप्रेशर हॉलिस्टिक ट्रीटमेंट एंड ट्रेनिंग सेंटर कटेश्वर पार्क पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। उसमें हिंदी दिवस पर योग के क्षेत्र में अच्छा कार्य कर रहे योग प्रशिक्षकों को विश्व संवाद परिषद के राष्ट्रीय महासचिव प्रोफेसर डॉ नवीन सिंह जी द्वारा सम्मानित किया गया।

उन्होंने बताया कि व्यक्ति की शारीरिक क्षमता उसके मन एवं भावनाएं तथा ऊर्जा के स्तर के अनुरूप कार्य करती है। इसके व्यापक रूप को 4 वर्गों में विभाजित किया गया है- कर्म योग में हम शरीर का प्रयोग करते हैं, ज्ञान योग में हम मन का प्रयोग करते हैं , भक्ति योग में संभावना का प्रयोग करते हैं और क्रिया योग में हम ऊर्जा का प्रयोग करते हैं। उन्होंने बताया कि योग की जिस भी प्रणाली का हम अभ्यास करते हैं वह एक दूसरे से आपस में कई स्तरों पर मिली जुली होती है। आज हिंदी दिवस पर योग की सभी प्राचीन व्याख्याओं में इस विषय पर अधिक बल दिया गया है कि समर्थ गुरु के मार्गदर्शन में अभ्यास करना अत्यंत आवश्यक है। योग के क्षेत्र में कार्य कर रहे राम मोहन पाल, रंजीत चौधरी, सन्नो दुबे, उमेश कुमार, संगीता यादव एवं धीरज कुमार को सम्मानित किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *