मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले में निःशुल्क हुई जांच।

-डीएम व सीएमओ ने शहरी अर्बन पीएचसी नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले का किया उद्घाटन।

अलीगढ़ से सौरभ पाठक की रिपोर्ट।

अलीगढ़। कोविड-19 पर काफी हद तक नियंत्रण पाने के बाद मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेलों का आयोजन दोबारा शुरू हुआ। जिले में रविवार को शहरी नगरिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शाहजमाल पीएचसी पर आयोजित हुए मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले का उद्घाटन डीएम सेल्वा कुमारी जे. ने किया। उन्होंने कहा कि बीते कई महीनों कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण से मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेला आयोजित नहीं हो पा रहा था। फिलहाल खुशी की बात है कोविड प्रोटोकाल के साथ यह आयोजन हम दोबारा करने का प्रयास कर रहे हैं। कोरोना काल ने हमें यही सिखा दिया है कि स्वास्थ्य अब हमारी प्राथमिकता है। इसमें लापरवाही हम सभी के लिए घातक होगी। इसलिए मेरी अपील है कि कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए लोग मेले में आएं और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लें।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनन्द उपाध्याय ने बताया कि शासन के निर्देश पर जिले में मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेलों का आयोजन हमदर्द नगर जमालपुर पीएससी पर जायजा लेते हुए उन्होंने कहा कि मेला कराने का उद्देश्य स्पष्ट है कि एक ही छत के नीचे लोगों को अधिकाधिक स्वास्थ्य सुविधाएं, जांच, उपचार और दवाएं आदि उपलब्ध हो। उन्होंने बताया कि मेला परिसर में प्रवेश करने से पूर्व प्रत्येक व्यक्ति की स्क्रीनिंग की गई। मेले में मास्क और सेनिटाइजर की भी व्यवस्था की गई। मेले में लोगों को जांच, उपचार और दवाओं आदि की सुविधा आसानी से मिल सकी। इसके साथ ही उन्होंने मेले की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

इस मौके पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय, जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. राहुल कुलश्रेष्ठ प्रभारी चिकित्सा अधिकारी शाह जमाल डॉ. रिचा गुप्ता फार्मासिस्ट जयकिशन, स्टाफ नर्स पूनम भारद्वाज, लैब टेक्नीशियन असद, वार्ड बॉय अजय कुमार उपस्थित रहे।

मेला में मिलीं सुविधाएं – मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेलों में गोल्डन कार्ड बनवाने, गर्भावस्था एवं प्रसवकालीन परामर्श, पूर्ण टीकाकरण एवं परिवार नियोजन संबंधी साधनों एवं परामर्श की व्यवस्था रही। इसके साथ ही संस्थागत प्रसव संबंधी जागरूकता, जन्म पंजीकरण परामर्श, नवजात शिशु स्वास्थ्य सुरक्षा परामर्श एवं सेवाएं, बच्चों में डायरिया एवं निमोनिया की रोकथाम के साथ ही टीबी, मलेरिया, डेंगू, फाइलेरिया, कुष्ठ आदि बीमारियों की जानकारी, जांच एवं उपचार की नि:शुल्क सेवाएं दी गई। पीएचसी पर जो जांचें नहीं हो पाईं उन मरीजों को जांच के लिए सीएचसी अथवा जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया।

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