वर्ष 2027-28 में वैश्विक मर्चेंडाइज एक्स का लक्ष्य 400 बिलियन डॉलर : अनुप्रिया पटेल।

– निर्यातकों की लिस्ट में उत्तर प्रदेश पांचवें नंबर पर।

– उत्तर प्रदेश का निर्यात योगी सरकार के नेतृत्व में 1 लाख 21 हजार करोड़ हुआः अनुप्रिया पटेल।

– यूपी का लक्ष्य अगले 3 वर्ष में तीन लाख करोड़ का एक्सपोर्ट करना : अनुप्रिया पटेल।

लखनऊ। आजादी की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में मनाये जा रहे ‘‘आजादी का अमृत महोत्सव श्रृंखला’’ में दिनांक 20 से 26 सितम्बर 2021 तक अखिल भारतीय वाणिज्य सप्ताह का आयोजन वित्त मंत्रालय (भारत सरकार) और एमएसएमई एण्ड एक्सपोर्ट प्रमोशन विभाग (उत्तर प्रदेश सरकार) द्वारा व फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कामर्स एण्ड इंडस्टी (फिक्की) के सहयोग से किया जा रहा है। इस अवसर पर सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा 21 और 22 सितंबर को दो दिवसीय राज्य स्तरीय वाणिज्य उत्सव आयोजित हुआ। राजधानी में आयोजित उत्सव में दो दिन तक यूपी के खास उत्पादों और उनकी पूरी रेंज का जलवा कायम हैं। इसमें प्रदेश के प्रमुख निर्यात योग्य उत्कृष्ट ओडीओपी (एक जिला, एक उत्पाद) उत्पादों का प्रदर्शन किया जा रहा है।

गोमती नगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय वाणिज्य उत्सव का उद्घाटन केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्यमंत्री सुश्री अनुप्रिया पटेल जी ने किया। जिसके बाद उन्होंने गैलरी में लगी ओडीओपी उत्पादों के एक्सपोटर्स की प्रर्दशनी का अवलोकन किया। इस दौरान उनके साथ वाणिज्य विभाग भारत सरकार के संयुक्त सचिव श्री अनन्त स्वरूप जी, इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन श्री महेश देशाई जी, सचिव सूक्ष्म, लघु, मध्यम व निर्यात प्रोत्साहन उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य श्री नवनीत सहगल जी भी मौजूद रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुये केंद्रीय वाणिज्‍य एवं उद्योग राज्‍य मंत्री सुश्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत ,लोकल फार वोकल, मेक इन इंडिया का ही परिणाम है कि कोविड-19 के विषम समय में भी भारत का निर्यात बढ़ा जो कि अपने आप में एक गौरव का विषय है। आईएमएफ के आंकड़ो की जानकारी देते हुये केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आने वाले वित्तीय वर्ष में भारत की वैश्विक अर्थव्यवस्था 6 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी और 2021 में वैश्विक मर्चेंडाइज बढ़कर 8 प्रतिशत हो जायेगा. उन्होंने कहा कि इस वित्तीय वर्ष 2020-21 मे भारत सरकार का मर्चेडाइज एक्सपोर्ट का लक्ष्य 400 बिलियन डालर का है। 2027-28 में हम इसे बढ़ाकर 2 ट्रिलियन डालर तक लेकर जायेगें। इस दो ट्रिलियन डालर में एक ट्रिलयन डालर का योगदान मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट का होगा और एक ट्रिलियन डालर को योगदान सर्विस एक्सपोर्ट का होगा।

उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिये भारत सरकार की तरफ से बकाया 56 हजार करोड़ रुपये से अधिक की निर्यात प्रोत्साहन राशि जारी कर दी गयी है। उन्होंने निर्यातकों से इस राशि को पाने के लिये 31 दिसम्बर से पहले आवेदन/क्लेम करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि कोरोना की विषम परिस्थितियों के बावजूद पिछले पांच महीने के अंदर भारत का निर्यात 67 प्रतिशत बढ़ा है, पिछले वर्ष पहले पांच महीनों के अंदर भारत सरकार का निर्यात 98 बिलियन डालर था जो कि इस वर्ष बढ़कर 164 बिलियन डालर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि उतर प्रदेश में भी महामारी के वाबजूद निर्यात में किसी तरह की कमी नहीं आयी। 2017 से पहले उतर प्रदेश का निर्यात 84 हजार करोड़ रुपये हुआ करता था जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली सरकार में बढ़कर एक लाख 21 हजार करोड़ हो गया है।

सुश्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा था कि निर्यात को बढ़ावा देने के लिये आवश्यक है कि हर जिले का एक ऐसा उत्पाद चुना जाये जिसका निर्यात किया जा सके। जिसकी तर्ज पर उतर प्रदेश सरकार की एक जिला, एक उत्पाद योजना निर्यात में काफी सराहनीय भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि उतर प्रदेश में अपार संभावनाएं भी है और क्षमता भी लघु उद्योग और निर्यात को बढ़ावा मिले इसके लिये केंद्र और उतर प्रदेश सरकार की संयुक्त पहल से बुनियादी ढांचे पर काफी कार्य किया गया। अंतर्गत प्रदेश में नए एक्सप्रेस वे, एअरपोर्ट, मेट्रो स्टेशन और डिफेंस कारिडोर का निर्माण किया गया है, जो लघु उद्योग और निर्यात के प्रोत्साहन में सहायक होंगे। उन्होंने कहा कि निर्यातकों के प्रदेश में उतर प्रदेश 5.6 प्रतिशत की दर के साथ पांचवे नम्बर पर है। प्रदेश के निर्यात का 80 प्रतिशत श्रेय ओडीओपी योजना को जाता है। उतर प्रदेश पहला एक एसा राज्य है जिसकी खुद की अपनी एग्रीकल्चर एक्सपोर्ट पालिसी है।

उन्होंने कहा कि भारत के उत्पाद और निर्यातक शक्ति की झलक दुबई एक्सपो में देखने को मिलेगी जो एक अक्टूबर 2021 से एक मार्च 2022 तक चलेगा और भारत उसमें सक्रिय रुप से सहभागिता करेगा। लखनऊ की चिकनकारी और भदोही की कालीन की गुणवत्ता पूरा विश्व देखेगा। उन्होंने कहा कि निर्यात को बढावा देने के लिये एडवांस आथराइजेशन स्कीम है जिसके अंतर्गत निर्यात उत्पाद के लिये जो भी वस्तुये आवश्यक है वो ड्यूटी फ्री होंगे।

श्री उदयभान सिंह जी ने कहा कि वाणिज्य सप्ताह के विचार एवं मूर्तरूप देने के लिए भारत सरकार ने जो प्रयास किए है इसके लिए भारत सरकार एवं मा. प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी को धन्यवाद। उन्होंने कहा आज प्रधानमंत्री जी ने देश में व्यापार के क्षेत्र की तस्वीर बदली कर रख दी है। इसी तरह आज मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व उत्तर प्रदेश को कैसे सर्वोत्तम प्रदेश बनाया जाए इसके लिए भरपूर कार्य किया गया है। आज उत्तर प्रदेश के हर हुनर को सरकारी सहयोग देकर अलग पहचान दिलाई जा रही है और यही वजह तरक्की कर रहा है। साथ ही कहा कि जब से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने देश की कमान संभाली है तब से हुनर, कला व प्रदर्शन को तरजीह मिलने लगी है। आने वाले समय में संपूर्ण विश्व का मार्गदर्शन भारत से किया जायेगा। वहीं उन्होंने जानकारी दी कि उत्तर प्रदेश के समस्त 75 जिलों के लिए जिला स्तरीय एक्सपोर्ट हब स्थापित किए जा रहे हैं।

श्री नवनीत सहगल जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश निर्यात को एक बड़ा साधन मान रही है। निर्यातों की समस्याओं को लेकर प्रत्येक कदम पर उत्तर प्रदेश को सहयोग मिल रहा है। उत्तर प्रदेश ने सर्विस एक्पोर्ट की ओऱ भी कदम बढ़ाना शुरू कर दिया है। अगले तीन साल में 3 लाख करोड़ के एक्सपोर्ट का लक्ष्य रखा गया है, जिसकी ओर उत्तर प्रदेश ने बढ़ना शुरू कर दिया है। देश में आज उत्तर प्रदेश पहला ऐसा राज्य है जिसने खुद की अपनी एग्रीकल्चर एक्सपोर्ट पॉलिसी तैयारी की है।

शहरवासियों के लिए लगाई गई प्रदर्शनीगोमती नगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान दो दिवसीय राज्य स्तरीय वाणिज्य उत्सव में लगी प्रदर्शनी में आगरा, अलीगढ़, आयोध्या, बरेली, फिरोजाबाद, सिद्धार्थनगर आदि जिलों के 48 स्टॉल लगाए गए हैं। जिनमें पूरे उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों के मशहूर ओडीओपी उत्पाद बिक्री योग्य लगाए गए हैं।

उत्सव के पहले दिन आयोजित कार्यक्रम में निर्यात प्रदर्शनी के उद्घाटन के बाद विभिन्न तकनीकी सत्रो में निर्यात प्रोत्साहन में भारत सरकार, निर्यात संवर्धन परिषदों, लघु उद्योगों, लॉजिस्टिक्स, पूर्ति श्रृंखला की भूमिका, निर्यात भुगतान के तरीके व नियमावली आदि महत्वपूर्ण विषयो पर विस्तृत जानकारी दी गई। तकनीकी सत्रों में उत्तर प्रदेश से निर्यात संवर्धन में राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की भूमिका, निर्यात में सिडबी, ई.सी.जी.सी., कस्टम्स, वैश्विक पूर्ति श्रृंखला नवाचार, कंटेनर डिमांड, निर्यातकों हेतु वित्तपोषण विकल्प आदि महत्वपूर्ण विषयों पर संयुक्त आयुक्त निर्यात, संयुक्त महानिदेशक विदेश व्यापार, महाप्रबंधक सिडबी, ई.सी.जी.सी., ई.ई.पी.सी., कॉनकोर आदि के प्रतिनिधियों द्वारा महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।

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