
रिपोर्ट -धर्मेंद्र कुमार पाण्डेय।
रायबरेली। जिले की पुलिस ने मासूम बच्चे की अपहरण के बाद नृशंस की हत्या का खुलासा करते हुए 2 तांत्रिकों को किया गिरफ्तार, मामला सलोन कोतवाली क्षेत्र राजा का पुरवा मजरे समसपुर खालसा गांव का था जहां फरवरी को 18 फरवरी को सुधीर पुत्र राकेश उम्र लगभग 10 वर्ष घर के सामने खेलते हुए गायब हो गया था। काफी देर बाद लड़का जब घर नहीं लौटा तो परिजनों ने तलाश शुरू की लेकिन बच्चे का कुछ पता नहीं चल पाया। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने बच्चे की तलाश शुरू की 19 फरवरी को बच्चे का शव तालाब में उतरता हुआ। मिला बच्चों के शरीर पर चोटों के कई निशान पाए गए। घटना से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज करके हत्यारों की तलाश शुरू की। सर्विलांस की मदद से पुलिस ने संदिग्ध रिश्तेदार दिलबाग गौतम जो रिश्ते में बच्चे का मामा लगता था उससे पूंछताछ शुरू की।पुलिस की पूछताछ में जो खुलासा हुआ उसने सबके होश उड़ा दिए।
दिलबाग गौतम ने बताया कि उसकी मां की तबीयत ठीक नहीं रहती थी जिसके लिए उसने एक तांत्रिक बाबा गुड्डू पुत्र जगतपाल से संपर्क किया। गुड्डू बाबा ने कहा कि तुम्हारी मां एकदम ठीक हो जाएगी लेकिन इसके लिए इकलौते नाबालिग बच्चे की बलि देनी होगी। इसके बाद तुम्हारी मां एकदम ठीक हो जाएगी और तुम्हें जमीन के अंदर गड़ा धन भी प्राप्त हो जाएगा। धन के लालच में दिलबाग गौतम ने अपने रिश्तेदार राकेश के गांव राजा का पुरवा गया तो उसका इकलौता लड़का गांव के बाहर अकेले मिल गया जिसे उसने ₹10 देकर इकलौते लड़के सुधीर को अपने साथ ले जाकर गुड्डू बाबा को सौंप दिया।
बाबा ने बताया कि अगर बच्चे की इस गांव के आसपास देने पर ही अधिक फल प्राप्त होगा बच्चे को तांत्रिक गुड्डू को सपना के बाद पुनः गांव पहुंचकर बच्चे की खोज बीन में जुट गया। योजना के मुताबिक दिलबाग दोबारा तांत्रिक के पास गया और अपनी मोटरसाइकिल में बच्चे को विश्व में बैठ कर झील के किनारे ले गया और उसे जमीन पर लिटा लिया इसके बाद तांत्रिक गुड्डू बाबा ने अपने लोहे के चिमटे से बच्चे के शरीर पर कई वार किया।थोड़ी देर बाद घायल बच्चा मर गया।
इसके बाद दोनों लोगों ने बच्चे को झील में फेंक दिया। पुलिस ने दिलबाग गौतम व तांत्रिक गुड्डू को गिरफ्तार करते हुए उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन व लोहे के चिमटे को बड़ा मत करते हुए दोनों आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया।