
बस्ती। जनपद के नौनिहाल पीढ़ी को शिक्षा प्राप्त हो इसके लिए खैर कालेज सहित उन्होंने बालक बालिकाओं के अलग अलग शिक्षा के केंद्र स्थापित किए ताकि अध्ययन के लिए लोगों की दुश्वारियों को कम किया जा सके।
आज उनके बारे में हमारी पीढ़ी को जो पढ़ना चाहिए वह काफ़ी नहीं उसे और उन्नत करने की ज़रूरत है ताकि उनके व्यक्तित्व से लोग प्रेरित हो सकें।
शिक्षा जैसे बुनियादी ज़रूरतों से वंचित बस्ती में शिक्षा की अलख जगाने निकले ख़ैर साहब ने पीढ़ियों को संवारने के लिए ख़ुद को क़ुर्बान कर दिया। शिक्षा के कई केंद्र आज शान से खड़े उनकी यशोगाथा गा रहे।




खैर कालेज ओल्ड बॉयज एसोशिएशन ने इस दिन को खैर डे के रूप में मनाने का हर वर्ष संकल्प लिया है जिसकी कड़ी में खैर कालेज के तत्वाधान में जहाँ बच्चों ने सुबह प्रभात फेरी निकाली वहीं जय ओरी बाबा मल्टी स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल के तत्वाधान में बच्चों शिक्षकों और अभिभावकों का स्वास्थ परीक्षण भी किया गया। तदोपरांत आयोजित श्रद्धांजलि सभा में खैर साहब के शिक्षा जगत में योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किया गया।
इस कार्यक्रम में खैर कालेज के प्रबंधक हमीदुल्लाह ख़ान , खैर कालेज ओल्ड बॉयज एसोशिएशन के महासचिव अकबर अली, प्रिंसिपल वहीदुद्दीन मलिक। एसोशिएशन के संयुक्त सचिव पवन शुक्ल, पंकज चौधरी, कार्यालय अधीक्षक रुपेश श्रीवास्तव, इंतजारुल हक, असद रज़ा, परवेज अहमद ख़ान सहित स्कूल शिक्षकों, छात्रों एवं अभिभावकों की उपस्थिति रही।