
प्रतापगढ़। रिटायर्ड कर्मचारी को झांसे में लेकर टप्पेबाजों ने पचास हजार रूपये उडा लिये। पीडित ने घटना को लेकर तीन अज्ञात आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी है। लालगंज कोतवाली के अझारा वार्ड निवासी विंध्यवासिनी तिवारी पालीटेक्निक प्रतापगढ़ में कर्मचारी थे। सेवानिवृत्ति के बाद वह गांव रह रहे हैं। शुक्रवार को विंध्यवासिनी ने लालगंज स्थित बैंक आफ इण्डिया में अपने खाते से दोपहर बारह बजे पचास हजार रूपये निकाले। उसी समय बैंक में तीन अज्ञात आरोपी में से दो अंदर पहुंचे।

अज्ञात आरोपियों ने विंध्यवासिनी को बताया कि वह बिहार से मजदूरी करके आ रहे हैं। आरोपियों ने कहा कि वह पढ़े लिखे नही हैं, उनके पास डेढ़ लाख रूपये है, इसे बैंक में जमा करना है। आरोपियों ने कपड़े में बंधा नोटों का बण्डल भी विंध्यवासिनी को थमा दिया। जब उन्होनें पैसा जमा करने के लिए फार्म भरना शुरू किया और जब आरोपियों से खाता संख्या पूछा तो आरोपी नही बता सके। इस पर विंध्यवासिनी ने आरोपियो से कहा कि डाक घर चलो वहां से तुम लोग जहां बताओगे मनीआर्डर करवा देंगे। आरोपियो के साथ विंध्यवासिनी हनुमत निकेतन मंदिर के पास पहुंचे तो एक आरोपी ने कहा कि कपड़े गंदे हैं खरीद लें। तब आरोपियों ने पीड़ित से पांच हजार रूपये मांगे और गुमराह कर पूरे पचास हजार रूपये ले लिये। इसके बाद आरोपी बहाना बताते वहां से रफूचक्कर हो उठे।
विंध्यवासिनी ने काफी देर बाद आरोपियों द्वारा दिये गये नोटों की गडडी खोली तो उसमें से ऊपर व नीचे पांच-पांच सौ के नोट तथा भीतर कागज भरे थे। ठगी के शिकार पीड़ित ने कोतवाली पहुंचकर तहरीर दी है। जानकारी मिलने पर लालगंज सीओ रामसूरत सोनकर बैंक शाखा पहुंचे। सीओ ने पुलिस टीम के साथ सीसी फुटेज की पड़ताल की। सीओ का कहना है कि केस दर्ज कर शीघ्र ही आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।