
👉 आगजनी की घटनाओं से रोकथाम, बचाव व प्रभावित व्यक्तियों को यथासंभव मदद पहुंचाये- डीएम।
–केके मिश्रा, संवाददाता।
संत कबीर नगर। जिलाधिकारी महेन्द्र सिंह तंवर ने विगत दिवस देर सायं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग/ज़ूम मीटिंग के माध्यम से तहसील खलीलाबाद, मेहदावल व धनघटा के उप जिलाधिकारीगण तथा तहसीलदारगण के साथ आगजनी की घटनाओं से निपटने के लिए जनपद में तैयारियों की समीक्षा की तथा आगजनी की घटनाओं से रोकथाम, बचाव व प्रभावित व्यक्तियों को यथासंभव मदद पहुंचाये जाने के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी द्वारा बताया गया कि दिनांक 12 अप्रैल 2025 तक भूसा मशीन के उपयोग पर लगाए गए रोक का पालन सख्ती से किया जाए। उन्होंने प्रत्येक गांव से पांच वॉलिंटियर का नाम व मोबाइल नंबर तथा गांव के ऐसे व्यक्ति जिनके पास ट्रैक्टर हो का नाम व मोबाइल नंबर तहसील व जनपद स्तर पर बनाए गए कंट्रोल रूम में रखा जाए, जिससे कि उनके माध्यम से सूचना का आदान-प्रदान हो सके तथा आगजनी की घटना के स्थिति में तत्काल मदद पहुंचाया जा सके।
उन्होंने बताया कि खेतों में लगी आग पर काबू पाने के लिए ट्रैक्टर से जुताई एक प्रभावी उपाय है और कंबाइन व भूसा मशीन के मालिकों को जागरूक किया जाय कि वह अग्निशमन यंत्र, बालू व पानी की व्यवस्था साथ में रखें ताकि चिंगारी से लगी आग पर तत्काल काबू पाया जा सके।
जिलाधिकारी ने समस्त अधिकारियों को निर्देशित किया कि आगजनी की घटनास्थल पर दमकल यथाशीघ्र पहुंचाया जाय, आग से हुई नुकसान की सूचना प्रत्येक दिन आपदा कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए ताकि क्षतिपूर्ति अविलंब दिया जा सके।
जिलाधिकारी ने समस्त संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा है कि प्रत्येक दिन देर शाम को जूम मीटिंग कर इस बात की समीक्षा की जाएगी की जनपद में यदि कोई आगजनी की घटना हुई है तो वह कहां और आगजनी से फसल का कितना नुकसान हुआ है तथा उसकी क्षतिपूर्ति संबंधित किसान को किस तरह से की जा सकती है।