
प्रयागराज/लखनऊ। उत्तर प्रदेश में महाकुंभ के आयोजन की तैयारी चल रही है। इस आयोजन के पहले एक बड़ी खबर सामने आयी है। महाकुंभ के आयोजन के लिए मेला क्षेत्र नया जिला घोषित कर दिया गया है। नए जिले का नाम ‘महाकुंभ मेला जनपद’ रखा गया। महाकुंभ मेला नाम से नये जिले की अधिसूचना जारी कर दी गई है। इस फैसले के बाद उत्तर प्रदेश में अब एक जिला बढ़ गया है। इस प्रकार प्रदेश में अब 75 की जगह 76 जिले हो गए हैं। अब प्रयागराज जनपद के अन्दर ही महाकुंभ मेला जनपद निहित हो गया अर्थात जनपद प्रयागराज देश का पहला जिला बन गया है जहां जनपद के अन्दर ही जनपद की स्थापना हो गयी। इसके साथ ही आज से जनपद प्रयागराज में दो समानान्तर जिलाधिकारी बैठेंगे। हालांकि यह पुरानी परंपरा है।

बता दें कि कुंभ और अर्ध कुंभ के मौके पर नए जिले की अधिसूचना जारी किए जाने की परंपरा है। शासन के निर्देश पर प्रयागराज के डीएम रविंद्र कुमार मांदड़ ने रविवार देर शाम नए जिले की अधिसूचना जारी की है। महाकुंभ मेला जिले में पूरा परेड क्षेत्र और चार तहसीलों सदर, सोरांव, फूलपुर और करछना के 67 गांव शामिल हैं।
इन्हें मिली जिम्मेदारी :- महाकुंभ मेला जिले के कलेक्टर मेलाधिकारी विजय किरन आनंद होंगे। सभी श्रेणी के मुकदमों में कलेक्टर के समस्त अधिकारों का उपयोग करेंगे। अधिसूचना में कलेक्टर के सभी कार्य करने के अधिकार भी उन्हें दिए गए हैं। अधिसूचना के मुताबिक तहसील सदर के 25 गांव, तहसील सोरांव के तीन गांव, तहसील फूलपुर के 20 गांव और करछना तहसील के 19 गांव शामिल किए गए हैं।
देखें महाकुंभ मेला क्षेत्र में शामिल 67 राजस्व ग्राम के नाम:-

गौरतलब है कि महाकुंभ के आयोजन के कुछ दिनों बाद तक महाकुंभ मेला जिले का अस्तित्व रहेगा. 13 जनवरी से 26 फरवरी के बीच महाकुंभ 2025 आयोजित हो रहा है। इस महाकुंभ के दौरान कुल छह शाही स्नान होंगे। इस मेले की तैयारी पूरी जोर-शोर से चल रही है। सीएम योगी आदित्यनाथ खुद इसकी तैयारियों का निरीक्षण कर रहे हैं।