
मीरजापुर। उत्तर प्रदेश के मिर्ज़ापुर स्थिति एक वृद्धा आश्रम में रह रही संन्यासी महिला ने छेड़छाड़ सहित मारपीट कर आश्रम से बाहर निकाल दिए जाने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से गुहार लगाई है. आरोप है कि जिले के विंध्याचल स्थित वृद्धा आश्रम में वृद्धजनों के साथ की मारपीट गई तथा उन्हें मारपीट कर आश्रम से बाहर निकाल दिया गया है. अपनों से ठुकराए जाने के बाद वृद्धा आश्रम से आस लगाई थी, लेकिन यहां की व्यवस्थाओं और मनमानी को लेकर आवाज उठाना वृद्धजनों के लिए घातक साबित हो रहा है. उन्हें ज़ुबान खोलने की सजा दी जा रही है. विंध्याचल स्थित वृद्धा आश्रम में मारपीट के मामले की शिकायत लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे वृद्धजनों ने अपनी पीड़ा सुनाते हुए बताया कि उन्हें खाने पीने से लेकर अन्य सुविधाएं मनमाने तरीके से मुहैय्या कराई जा रही हैं.
वृद्धाश्रम में रहने वाले वृद्धजनों ने मैनेजर पर मारपीट का आरोप लगाया. और तो और वृद्धाश्रम में रह रही संन्यासी महिला ने आश्रम के मैनेजर पर छेड़खानी का आरोप लगा सनसनी फैला दी है. तकरीबन एक हफ़्ते से वृद्धाश्रम के लोग मैनेजर की लगातार शिकायतें करते हुए आएं हैं.
शिकायत पर मुख्य विकास अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं. मामला विंध्याचल थाना क्षेत्र के पेटेंगरा नाला स्थित वृद्धाश्रम से जुड़ा हुआ है. बताते चलें कि पिछले कुछ दिनों से विंध्याचल पटेंगरा नाला स्थित वृद्धा आश्रम सुर्खियों में है. यहां रह रहे वृद्धजनों का आरोप है कि उनके साथ मारपीट करने के साथ उन्हें ज़ुबान खोलने की मनाही होती है. कहने को इसे वृद्धा आश्रम नाम दिया गया है लेकिन यहां वृद्धजनों से अपराधियों जैसा सलूक किया जा रहा है. पिछले दिनों मारपीट के साथ आश्रम में रहने वाली संन्यासी महिला के साथ छेड़खानी की घटना से सभी ख़ासकर महिलाएं दहल गई हैं.
जिलाधिकारी से मिलने आई पीड़ित महिला संन्यासी सहित अन्य वृद्धा जनों ने वृद्धा आश्रम के मैनेजर सहित कई अन्य को आरोपित करते हुए जिलाधिकारी से कार्रवाई की गुहार लगाई है. वृद्धाआश्रम में रहने वाले वृद्धजनों की मानें तो इसमें समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों की भी संलिप्तता बनी हुई है जो जांच और कार्यवाही के नाम पर उच्चाधिकारियों को गुमराह करते हुए आएं हैं.