
केके मिश्रा संवाददाता।
सन्त कबीर नगर। बरदहिया बाजार के पश्चिम रामलीला मैदान है जिसमें धौरहरा निवासी मिर्जा साहब द्वारा कपड़े का बाजार लगवाया जाता है, किन्तु अपने दुकानदारों एवं व्यापारियों के लिये कहीं कोई भी शौचालय एवं मूत्रालय की व्यवस्था नहीं की गयी है। जिससे उनके दुकानदार एवं व्यापारी कबीर आश्रम के कम्पाउन्ड एवं बरामदे में पेशाब एवं शौच करते रहते हैं। और इसी के बहाने धीरे-धीरे आश्रम की जमीन को कब्जा करते चले आ रहे हैं। विरोध करने पर उक्त व्यापार मालिक व उनके लोगों द्वारा गाली गुप्ता देते हुए जान से मारने की धमकी दी जा रही है।
सूत्रों की अगर मानें तो कबीर आश्रम के महंत जो काफी बुजुर्ग हो चुके हैं, जिसकी देखरेख बराबर उनके द्वारा किया जाता रहा है। लेकिन उनकी बुजुर्ग अवस्था को देखते हुए उनका कहना है कि उक्त बाजार मालिक द्वारा दबंगई के बल पर कबीर आश्रम के नाम से नामित जमीन को कब्जा किया जा रहा है। जिसकी शिकायत मेरे द्वारा तहसील व पुलिस और जिला प्रशासन को बार-बार दिया जाता रहा, लेकिन उस पर उक्त अधिकारियों द्वारा कोई संज्ञान नहीं लिया गया। जिससे उसका कब्जा अनवरत बढ़ता गया है। ऐसी सूरत में जिला प्रशासन से मेरा विनम्र निवेदन है कि उक्त मामले की गंभीरता से देखते हुए कब्जाधारियों के ऊपर त्वरित कार्रवाई की जाए, जिससे आश्रम की जमीन के हिफाजत हो सके।
इस संबंध में सवाल के जवाब पर बाबा हरिशरण दास जी ने बताया कि मेरे द्वारा चौकी कोतवाली से लेकर सभी लोगों को इसकी सूचना समय-समय पर दिया गया, लेकिन उक्त प्रकरण को प्रशासन द्वारा गंभीरता से नहीं लिया गया। मुझे भय है कि आश्रम के नाम से नामित जमीन को उक्त दबंग बाजार मालिक द्वारा जबरिया कब्जा कर लिया जाएगा और मुझे जान से भी मार दिया जाएगा।
ज्ञात हो कि प्रार्थी एक सन्त है तथा वृद्ध भी हो चुका है, जो बराबर देखरेख नहीं कर सकता है और न तो उनसे लड़ाई झगड़ा कर सकता है, जबकि वे बरावर प्रार्थी को परेशान करने का कार्य करते रहते हैं। जमीन में बढ़ाकर दुकानें भी लगवा रहे है। आगे हमारे सामने भी नाली पर उन लोगों द्वारा जबरदस्ती दुकान लगाया जा रहा है।
उन्होंने प्रशासन अमले से गुजारिश किया है कि कपडे के बाजार मालिक मिर्जा हसनैन व मिर्जा सिफ्टैन के उत्तराधिकारियों को कब्जे करने पर रोक लगाया जाय। जिससे न ही तो कबीर आश्रम के हाते में बढ कर दुकान लगाये और न तो शौच करने की चेष्टा करें। जिसकी लिखित शिकायत जिला प्रशासन को देते हुए मैंने मांग किया है कि उपरोक्त जमीन से उनका कब्जा हटवाते हुए प्रार्थी की जान माल की सुरक्षा करें।