
सुल्तानपुर। हिंदू नव वर्ष की पूर्व संध्या पर नगर के ठठेरी बाजार में 13वां विराट कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें देश प्रदेश के प्रख्यात कवियों ने अपनी हास्य, ओजस्वी व राष्ट्र के नाम कविताओं को संबोधन कर श्रोतागण को मोहित कर दिया। वही कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ महेंद्र सिंह व मुख्य वक्ता प्रख्यात कथा वाचक शान्तनु जी महाराज ने हिंदू नव वर्ष धूमधाम से मानने को लेकर जागृति किये।
भारतीय नव वर्ष समिति के तत्वाधान में नगर के ठठेरी बाजार में बीते शनिवार की शाम 13वां विराट कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे पूर्व मंत्री डॉ महेंद्र सिंह का जिला संगठन कमिश्नर कांति सिंह के नेतृत्व में स्काउट के बच्चों ने कलर पार्टी के साथ मुख्य अतिथि का स्वागत किया।
तत्पश्चात मुख्य अतिथि डॉ महेंद्र सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष, कार्यक्रम के आयोजक द्वारा मां की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित करते हुए कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इस दौरान संबोधित करते हुए प्रख्यात कथा वाचक शान्तनु जी महाराज ने कहा कि
हमारी भारत की जो हिंदू परंपरा है वह शिर पुरातन नित्य नूतन परंपरा है, जिसके लिए हम पूरी दुनिया में जाने जाते हैं। अगर हमारी जड़ मजबूत रहेगी और हम अपनी परम्परा हिन्दू नव वर्ष से जुड़े रहेंगे तभी हमारा पताका पूरे आकाश और गगन को चूमती रहेगी।
वहीं शान्तनु जी महाराज ने आगे कहा कि भगवान राम का राज्याभिषेक आज हुआ था, शकों के आक्रमण से पूरा भारत भयाक्रांत था, भगवान विक्रमादित्य समूल शकों को नष्ट किए थे, इसलिए हम लोग गीत गाते थे, उज्जैन फिर से सुना दे, विक्रम की वह कहानी, जिसमें प्रकट हुआ था संवत हमारा, इतिहास गा रहा है दिन रात गुण हमारा, उन्होंने आगे यह भी कहा कि ब्रह्म जी ने जब सृष्टि का निर्माण किया होगा तो आज प्रथम दिन है जिस दिन सृष्टि का निर्माण हुआ।
पौराणिक मान्यता के अनुसार भीषण ठंड में नव वर्ष हो ही नहीं सकता, वह व्यहारिक नव वर्ष है और आज का दिन हिंदू नव वर्ष है, हमारे जो उत्सव है दो प्रकार से जुड़े हैं या तो वह प्राकृतिक से जुड़े हैं या तो प्रभु की लीला से जुड़े हैं इसलिए भारतीय नव वर्ष इन दोनों प्रकार से ठीक बैठता है, जो जड़ों से नहीं जुड़ा रहता, जो भूत काल से नहीं जुड़ा रहता, उसका स्मरण आने वाली पीढ़ियां नहीं कर सकती, इस लिए जड़ों से जुड़ कर आने वाली पीढ़ियों के लिए कुछ कर जाना है। वही राणा सांगा के ऊपर बयानों को लेकर शांतुन जी महाराज ने कहा कि प्रतिकार व प्रतिशोध और महापुरुषों के लिए हमारी भावना फीकी न पड़ी होती तो इस देश में कोई पैदा नहीं हुआ है जो महाराणा प्रताप और राणा सांगा के प्रति प्रश्न चिन्ह उठा सके।
इसी क्रम में कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री डॉ महेंद्र सिंह ने कहा कि 127 वर्ष शनिवार के रात बारह बजे बीत जायेगा, विक्रम संवत का 2082 युगांध संवत् का 5128 वां रविवार के दिन शुरू हो रहा है आप कल्पना करिए इस वर्ष का मालिक कौन है इस वर्ष का मालिक सूर्य है भारत के लिए कितना अच्छा संयोग है कि राजा भी सूर्य है मंत्री भी सूर्य है कलियुग का 5128 वा वर्ष रविवार से शुरू होगा। इसलिए जब कल का सबेरा हो तो कल से विक्रम संवत 2082 का पूरा साल आप सभी के लिए आनंददायक हो।
उन्होंने मंत्रों उच्चारण करते हुए कहा कि हे सूर्य भगवान इतनी ताकत भारत को दे दीजिए, इतनी ताकत हमारे प्रधान मंत्री और मुख्यमंत्री को दे दीजिए और इतनी ताकत हमारे कुशभवनपुर के वीर सपूतों को दे दीजिए सबका ललाट चमकता रहे और आनंद की अनुभूति होती रहे और लोग आगे बढ़ते रहे।
वहीं मीडिया के सवालों पर पूर्व मंत्री डॉ महेंद्र सिंह ने कहा कि भारत बड़ी मजबूती के साथ खड़ा है मोदी जी के नेतृत्व में सामाजिक आर्थिक, सैन्य दृष्टि से भारत पूरी दुनिया में बड़ी मजबूती के साथ खड़ा है इस लिए भारत को कही से कोई दिक्कत नहीं है। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता सरदार बलदेव सिंह व मंच का संचालन प्रीति प्रकाश ने किया।
वहीं कार्यक्रम में एमएलसी शैलेंद्र प्रताप सिंह, विधायक सीता राम वर्मा, डॉ निशा सिंह, अमर नाथ सिंह, विभाग संचालक ए के सिंह, राम शंकर शर्मा, राम चंद्र मिश्रा, डॉ एम पी सिंह, करुणा शकर द्विवेदी, सीता शरण त्रिपाठी, जे पी सिंह, अमर बहादुर सिंह, ओम प्रकाश पाण्डेय बजरंगी, ओम प्रकाश पाण्डेय पूर्व मंत्री, बीजेपी मीडिया प्रभारी विजय सिंह रघुवंशी, दुर्गेश पंडित, सभासद प्रवीण मिश्रा, अजय सिंह, अरुण तिवारी, मंगरू प्रजापति, दिनेश चौरसिया, रमेश सिंह टिन्नू, अखिलेश मिश्रा, गिरीश मिश्रा, विजय जायसवाल, संजय कप्तान, अफजल अंसारी, देवानंद, सहित तमाम गणमान्य लोग उपस्थिति रहे।