केके मिश्रा, संवाददाता।
संत कबीर नगर। सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह एवं धनघटा विधायक गणेश चंद चौहान ने रविवार को मुखलिसपुर स्थित चौधरी चरण सिंह निरीक्षण भवन के पुनरोद्धार की परियोजना का लोकार्पण किया। यह परियोजना गंडक संगठन के अंतर्गत ड्रेनेज खंड-2, संत कबीर नगर के नियंत्रणाधीन है।
लोकार्पण समारोह में मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी, मुख्य अभियंता गंडक विकास कुमार सिंह, अधीक्षण अभियंता गंडक बाढ़ मंडल केपी सिंह, अधिशासी अभियंता ड्रेनेज खंड-2 अजय कुमार, उप जिलाधिकारी धनघटा वीरेंद्र प्रसाद गुप्ता तथा क्षेत्राधिकारी धनघटा अभय मिश्रा समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
समारोह को संबोधित करते हुए सिंचाई मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में अपराध, भय और भ्रष्टाचार मुक्त वातावरण बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने और उनके जीवन स्तर में सुधार के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है।
उन्होंने बताया कि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले सेवा संकल्प अभियान के तहत जनकल्याणकारी एवं लाभार्थीपरक योजनाओं को लेकर गांव-गांव चौपाल आयोजित की जाएगी। इसमें आवास, किसान सम्मान निधि, आयुष्मान कार्ड, पेंशन सहित विभिन्न योजनाओं से वंचित पात्र लाभार्थियों को लाभ दिलाया जाएगा।
मंत्री ने लोगों से बच्चों को शिक्षित करने, उनके साथ अच्छा व्यवहार करने तथा उन्हें महापुरुषों की जीवनगाथाओं से परिचित कराने की अपील की। उन्होंने गांवों में नाली, खड़ंजा, चबूतरा, तालाब और जमीन पर अवैध कब्जा न करने तथा आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ रहने का आह्वान किया।
सिंचाई व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका
चौधरी चरण सिंह कुआनो पम्प नहर जनपद की महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं में शामिल है। कुआनो नदी के बाएं तट पर स्थापित इस पम्प नहर की स्थापना वर्ष 1963-64 में हुई थी। इसकी कुल क्षमता 240 क्यूसेक है और 60 क्यूसेक क्षमता के पांच पम्प स्थापित हैं। करीब 115.22 किलोमीटर लंबी पम्प नहर से जुड़े 19 माइनरों के माध्यम से संत कबीर नगर और गोरखपुर के लगभग 14,725 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होती है। इससे करीब 285 गांवों के 23,194 कृषक परिवार लाभान्वित होते हैं।
वर्ष 2025-26 में पम्प नहर के आधुनिकीकरण के लिए 17.66 करोड़ रुपये की परियोजना निर्धारित की गई थी, जिसे 58.35 लाख रुपये की बचत के साथ पूरा किया गया। इसके तहत विद्युत सब-स्टेशन को 33/3.3 केवी से उच्चीकृत कर 33/11 केवी किया गया। पम्प हाउस में स्थापित पम्प एवं मोटरों के प्रतिस्थापन का कार्य भी कराया गया।
आधुनिकीकरण से करीब 3,488 हेक्टेयर सिंचाई क्षमता पुनर्स्थापित हुई है। इससे लगभग 5,058 अतिरिक्त कृषक परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों के अनुसार, परियोजना से क्षेत्र की सिंचाई व्यवस्था मजबूत होगी और किसानों को कृषि उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी।
समारोह में ड्रेनेज खंड के अधिकारियों सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में जनसामान्य मौजूद रहे।


