•बीच बाजार में शराब बिक्री से बिगड़ रहा माहौल, आंदोलन की चेतावनी।
गोरखपुर। सहजनवा थाना क्षेत्र के भीटी रावत ग्राम पंचायत में स्थित शराब की दुकान को लेकर स्थानीय महिलाओं का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। बीच बाजार में संचालित इस दुकान के विरोध में महिलाओं ने सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया और दुकान को तत्काल अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग उठाई।
प्रदर्शन कर रही महिलाओं का कहना था कि शराब की दुकान के कारण क्षेत्र की शांति व्यवस्था प्रभावित हो रही है और सामाजिक माहौल लगातार बिगड़ता जा रहा है। महिलाओं ने आरोप लगाया कि जुआ और शराब सामाजिक अपराध, घरेलू हिंसा और भ्रष्टाचार की जड़ बन चुके हैं। घर के कमाऊ सदस्य अपनी मेहनत की कमाई शराब में खर्च कर देते हैं, जिससे परिवार आर्थिक संकट और मानसिक तनाव से जूझ रहे हैं।
महिलाओं ने बताया कि शराब के नशे में घरों में मारपीट की घटनाएं आम हो गई हैं। नशे की लत पूरी करने के लिए लोग घर का सामान तक बेचने लगे हैं, जिसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और उनके भविष्य पर पड़ रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि शराब की दुकान के आसपास दिन-रात शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है। इस रास्ते से गुजरने वाली महिलाओं और स्कूली छात्राओं को आए दिन अभद्र टिप्पणियों और फब्तियों का सामना करना पड़ता है, जिससे उनका घर से निकलना मुश्किल हो गया है।
महिलाओं ने बताया कि दुकान के पास मंदिर होने से धार्मिक भावनाएं भी आहत हो रही हैं और मंदिर की पवित्रता प्रभावित हो रही है।महिलाओं ने कहा कि वे अपने सामाजिक दायित्व, बच्चों के बेहतर पालन-पोषण और शिक्षा के लिए जागरूक होकर संघर्ष कर रही हैं और इस शराब की दुकान को बाजार से हटाकर दूर स्थानांतरित कराना ही उनका उद्देश्य है।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों एवं उच्चाधिकारियों को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके बावजूद भी समाधान न होने पर महिलाएं उग्र आंदोलन एवं संबंधित अधिकारियों का घेराव करने के लिए बाध्य होंगी।
इस संबंध में एसडीएम केशरी नंदन तिवारी ने कहा कि शिकायत मिलने पर नियमानुसार जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी।
विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व सनातन उत्थान संगठन के संयोजक विनोद अग्रहरी एवं पवन कुमार ने किया। प्रदर्शन में चंद्रभवती, सुभागी, सिमला, संवारी, मैना, मंजू, संतीरा, रहसी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।