लखनऊ। राजधानी लखनऊ की वजीरगंज पुलिस ने करीब दो दशक से फरार चल रहे एक वारंटी को हरदोई से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई की है। चोरी और चोरी का माल रखने के मामले में वांछित आरोपी लंबे समय से न्यायालय में पेश नहीं हो रहा था। उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी होने के साथ ही उद्घोषणा और कुर्की की कार्रवाई भी की जा चुकी थी, लेकिन वह लगातार पुलिस से बचता फिर रहा था।
पुलिस के अनुसार, माननीय न्यायिक मजिस्ट्रेट/एटीएस, लखनऊ द्वारा जारी गैर-जमानती वारंट के अनुपालन में थाना वजीरगंज पुलिस को आरोपी की गिरफ्तारी के निर्देश मिले थे। यह वारंट वाद संख्या 4057/98 एवं मुकदमा अपराध संख्या 296/91 में भारतीय दंड संहिता की धारा 379 और 411 के तहत दर्ज मामले से संबंधित था।
प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार त्रिपाठी के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए। पुलिस ने उसके संभावित ठिकानों का सत्यापन किया, स्थानीय स्तर पर सूचनाएं जुटाईं तथा तकनीकी और मानवीय सूचनाओं के आधार पर उसकी गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी।
इसी क्रम में बुधवार तड़के करीब पांच बजे पुलिस टीम ने जनपद हरदोई के कोतवाली शहर क्षेत्र स्थित कवथकिया में दबिश देकर आरोपी नरेन्द्र (55 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ लंबे समय से गैर-जमानती वारंट लंबित था और वह पिछले लगभग 20 वर्षों से फरार चल रहा था।
पुलिस के मुताबिक, न्यायालय में लगातार अनुपस्थित रहने के कारण आरोपी के विरुद्ध गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था। इसके बाद भी वह न्यायालय में उपस्थित नहीं हुआ, जिसके चलते उसके खिलाफ दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 82 और 83 के तहत उद्घोषणा एवं संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई भी की गई थी। इसके बावजूद वह लगातार गिरफ्तारी से बचता रहा।
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसे अपने खिलाफ जारी गैर-जमानती वारंट की जानकारी थी। उसने बताया कि गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लगातार अपने ठिकाने बदलता रहता था। पुलिस की नजर से बचने के लिए वह दिनभर घर से बाहर रहता था और केवल रात के समय ही चोरी-छिपे अपने घर आता था।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी कर उसे माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार त्रिपाठी, उपनिरीक्षक सेवानन्द शर्मा तथा कांस्टेबल रोहित पासवान शामिल रहे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि न्यायालय से फरार चल रहे वारंटियों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा, ताकि कानून से बचने वाले आरोपियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा सके।