डे एंड नाइट स्पेस फाउंडेशन के प्रयासों को मिली सफलता, 24-25 अक्टूबर को गुजरात के अंकलेश्वर में होगा आयोजन
गोरखपुर। कहते हैं कि जहां चाह होती है, वहां राह निकल ही आती है। इस कहावत को पूर्वांचल के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों ने सच कर दिखाया है। विज्ञान, अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विद्यार्थियों को आगे बढ़ाने के प्रयासों को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। डे एंड नाइट स्पेस फाउंडेशन (DANSF), गोरखपुर के मार्गदर्शन और विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से गोरखपुर एवं बस्ती मंडल के विभिन्न विद्यालयों के 26 विद्यार्थियों का चयन छठवें भारतीय साइंस टेक्नो फेस्टिवल-2026 के लिए हुआ है। यह आयोजन 24 और 25 अक्टूबर को गुजरात के अंकलेश्वर में आयोजित किया जाएगा।
राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभा दिखाने का मिलेगा अवसर
साइंस टेक्नो फेस्टिवल में चयनित विद्यार्थियों को अपनी वैज्ञानिक सोच, नवाचार, रचनात्मकता और तकनीकी समझ प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। इस आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना और उन्हें विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना है। चयनित विद्यार्थियों में आरपीआईसी, महाराजगंज सहित पूर्वांचल के अन्य शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थी शामिल हैं।
इस आयोजन का संचालन रमन साइंस एंड टेक्नोलॉजी फाउंडेशन, एपीजे अब्दुल कलाम नेशनल काउंसिल ऑफ यंग साइंटिस्ट, नेशनल काउंसिल ऑफ टीचर्स साइंटिस्ट, संकल्प दीप ट्रस्ट तथा अन्य सहयोगी संस्थाओं के सहयोग से किया जा रहा है। इस वर्ष उत्तर प्रदेश के विद्यार्थियों को भी अपनी प्रतिभा राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने का अवसर मिला है।
ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का प्रयास
डे एंड नाइट स्पेस फाउंडेशन का मानना है कि पूर्वांचल में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत उन्हें पहचानने, उचित मार्गदर्शन देने और अपनी क्षमता प्रदर्शित करने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराने की है। संसाधनों और अवसरों की सीमाओं के बावजूद यहां के विद्यार्थी विज्ञान, अंतरिक्ष विज्ञान, गणित और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उल्लेखनीय संभावनाएं रखते हैं।
इसी उद्देश्य से संस्था विद्यार्थियों में वैज्ञानिक अभिरुचि विकसित करने, नवाचार को प्रोत्साहित करने तथा उन्हें विभिन्न वैज्ञानिक आयोजनों से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। संस्था का लक्ष्य विद्यार्थियों को प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कराने के साथ-साथ उनमें तार्किक क्षमता, रचनात्मकता, आत्मविश्वास और समस्याओं का समाधान खोजने की योग्यता विकसित करना भी है।
कई संस्थाओं के सहयोग से मिली सफलता
इस उपलब्धि में विभिन्न शैक्षणिक, वैज्ञानिक और नवाचार से जुड़ी संस्थाओं का सहयोग महत्वपूर्ण रहा है। इनमें डे एंड नाइट स्पेस फाउंडेशन, गोरखपुर; डे एंड नाइट स्पेस इनोवेशन लैब्स प्राइवेट लिमिटेड, गोरखपुर; कृत्रिम स्पेस टेक एलएलपी, हैदराबाद; भारत विज्ञान यात्रा; आरपीआईसी, महाराजगंज; कासिम इंटर कॉलेज, सिद्धार्थनगर; स्मार्ट स्टडी क्लासेज, कुशीनगर; प्रैक्सिस विद्यापीठ, बस्ती; क्रिस्तुराजा पब्लिक जूनियर हाईस्कूल, गोरखपुर; एसआरएल अकादमी, सिद्धार्थनगर; लैब सॉल्यूशन, हरियाणा; स्पेस टू स्पेस, कलाग्रह, मध्य प्रदेश; इंडोप्लैनेटएक्स स्पेस वॉल्ट एंड रिसर्च प्राइवेट लिमिटेड, रुड़की; एडब्ल्यू इंटरप्राइजेज, तमिलनाडु तथा केपी टेक्नो लाइफ, अमरावती, महाराष्ट्र सहित अन्य संस्थाएं शामिल हैं।
संस्था की फाउंडर प्रिया यादव और को-फाउंडर सरोज के नेतृत्व में टीम विद्यार्थियों को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए प्रयासरत है। संस्था से जुड़े मार्गदर्शकों, सलाहकारों, वैज्ञानिकों, शिक्षकों और मेंटर्स के सहयोग से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा निखारने और नए अवसरों से जुड़ने का मौका मिल रहा है।
वैज्ञानिकों ने दी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं
डे एंड नाइट स्पेस फाउंडेशन की टीम ने चयनित विद्यार्थियों, उनके शिक्षकों, अभिभावकों और संबंधित विद्यालयों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। संस्था से जुड़े सहयोगियों ने विश्वास जताया कि गुजरात में आयोजित होने वाला यह टेक्नो फेस्टिवल विद्यार्थियों के लिए सीखने, अनुभव प्राप्त करने और अपनी प्रतिभा को नई पहचान दिलाने का महत्वपूर्ण अवसर साबित होगा।
इस अवसर पर इसरो, डीआरडीओ तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जुड़ी संस्थाओं के वर्तमान और पूर्व वरिष्ठ वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन एवं सहयोग का भी उल्लेख किया गया। शुभकामनाएं देने वालों में डॉ. चंद्रमौली जोशी, डॉ. जे.जे. रावल, डॉ. दिलीप भट्ट, डॉ. ए.सी. माथुर, डॉ. आलोक माथुर, डॉ. एस.पी. व्यास, इंजीनियर जयंत पी. जोशी, प्रो. हरिओम वत्स, प्रो. चंद्रमौली सोलंकी, प्रो. मुकेश कुमार, चित्रा सिंह, परिधि व्यास, कावेरी यादव, इरितिका यूसुफ, अजह़र यूसुफ, इंजीनियर वी.एन. राव रेड्डी, डॉ. राजेश ठाकुर, डॉ. पर्वथालु कालाकोंडा, डॉ. प्रदीप कुमार, प्रो. आर.आर. एलांगेवन, डॉ. अमित, डॉ. चक्रपाणी पटनायक, संजीव कुमार, अरविंद सिंह पटेल, हरिकेश यादव, डॉ. राहुल व्यास, हरिशंकर, विजय कुमार, राम कृपाल, मुस्तन शेरूल्लाह, अमरेश कुमार, श्रुति हर्षिणी, अनुराधा, भारती एस. राज, डॉ. अंकित कुमार, सतीश रमेश, बृजेश यादव, नवीन कुमार, सत्यराम, देवेंद्र कुमार, एस.टी. अली, राम सिंह, रोहित कुमार, दिशांक श्रीवास्तव, प्रदीप यादव, डॉ. देवेंद्र शुक्ला, डॉ. के. एझिलन, गजेंद्र त्रिपाठी, मारुत पांडे, अनुराग श्रीवास्तव, शोभित श्रीवास्तव, महेंद्र यादव, अभिनाश, आलोक कुमार, निगमानंद अग्रहरि, दीपक, राकेश कुमार श्रवण, प्रसून शुक्ला और खगोलविद अमर पाल सिंह सहित अन्य लोग शामिल हैं।
विद्यार्थियों की उपलब्धि से अन्य युवाओं को मिलेगी प्रेरणा
डे एंड नाइट स्पेस फाउंडेशन की टीम ने उम्मीद जताई कि पूर्वांचल के विद्यार्थियों की यह उपलब्धि ग्रामीण क्षेत्रों सहित प्रदेश के अन्य विद्यार्थियों को भी विज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी। राष्ट्रीय स्तर के ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को नए विचारों से परिचित कराने, दूसरे प्रतिभागियों से सीखने और भविष्य के लिए अपनी क्षमताओं को विकसित करने का अवसर प्रदान करते हैं।


