- अलमों के जुलूस में महिला पुरुष हजारों श्रद्धालुओं ने की शिरकत।
रिपोर्ट: विजय नागपाल।
मथुरा। रविवार को हज़रत इमाम हुसैन की याद में मोहर्रम की 5 तारीख को अलम व अखाड़े का जुलूस शुक्रवार शाम 7:30 बजे मटिया दरवाजा से निकला। जुलूस का नेतृत्व समीउदीन अंसारी पुत्र नियाजुदीन अंसारी ने किया।
मोहर्रम कमेटी शहर व सदर के तत्वावधान में निकले इस जुलूस में हजारों महिला-पुरुष शामिल हुए।
मटिया दरवाजा से शुरू होकर जुलूस मेवाती पाड़ा, ईदगाह, डीग गेट, बरबार पाड़ा, मण्डी रामदास, ठेक नारनौल, खिड़की बिसायती, हालनगंज, वृन्दावन गेट, जामा मस्जिद होते हुए चौक बाजार पहुंचा। चौक बाजार में अलमों ने जोरदार प्रदर्शन किया। अखाड़ा जमा अखाड़े के उस्ताद खलीफाओं ने लाठी, बिराह बांटी और कलाबाजी का प्रदर्शन कर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
इसके बाद जुलूस कुशक गली, हनुमान टीला, इमाम बाड़ा, काजीपाड़ा, चूड़ी वाली गली, नक्कारची टीला, चौक बाजार, घीया मंडी मनोहरपुरा, भरतपुर गेट से होता हुआ देर रात मटिया दरवाजा पर समाप्त हुआ।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। जुलूस के साथ मोहर्रम कमेटी के पदाधिकारी और पुलिस बल साथ-साथ चल रहे थे।
पूरे मार्ग में जगह-जगह लंगर खाना सजाए गए। श्रद्धालुओं के लिए मीठे दूध की सबील, हलवा, शरबत, मीठे पानी की प्याऊ, खीर, आइसक्रीम और कोल्ड ड्रिंक का वितरण किया गया। महिलाओं ने अलमों पर नींबू, हार-माला और सोने-चांदी के मुराद के धागे बांधकर हज़रत इमाम हुसैन से मन्नतें मांगीं।
मोहर्रम कमेटी अध्यक्ष भूरा शेख़ और सचिव अबरार खान वारसी ने बताया कि 1 से 10 मोहर्रम तक अलम, अखाड़े, छोटी दुलदुल, बड़ी दुलदुल और ताजियों के बड़े जुलूस शहर के परम्परागत मार्गों से निकाले जा रहे हैं। उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की कि नगर निगम मथुरा-वृन्दावन, विद्युत विभाग और इंटरनेट केबल ऑपरेटरों को निर्देशित करके जुलूस मार्गों की सफाई कराई जाए और लटकती बिजली व अन्य केबल हटवाई जाएं, ताकि मोहर्रम के पवित्र माह की गरिमा बनी रहे।
कमेटी ने सभी अलमदारों और अखाड़ेदारों से अपील की कि वे अपनी-अपनी तारीखों के जुलूस पूरी सादगी, प्रेम, सौहार्द और शांति-सद्भावना के साथ निकालें।
भूरा शेख़ ने कहा कि पैगम्बर ए इस्लाम हज़रत मोहम्मद साहब के नवासे हज़रत इमाम हुसैन ने जालिम बादशाह यजीद की बेअत स्वीकार नहीं की और हक की खातिर 72 साथियों के साथ शहादत दी। इसी सीख के साथ इस माह इबादत सादगी से करनी चाहिए।
इस मौके पर भूरा शेख़ अध्यक्ष, अबरार खान वारसी सचिव, हाजी सूफी सईद हसन, जहीर अब्बास जैदी, बबलू कुरैशी, डॉ शबनम कुरैशी, शारिक अली एडवोकेट, आरिफ कुरैशी, कासिम गाजी, बदले खलीफा, निशाद अहमद, अली अब्बास, शाहिद कुरैशी पत्रकार, सूफी जहीर, नासिर अली, क़ायम, नौशाद ख़ान, आशिफ कुरैशी, आरिफ खान, जीशान खान, इकरार अंसारी, नुशरत अली खान, नीम अब्बासी आदि मौजूद रहे।