रिपोर्ट: विजय नागपाल।
मथुरा। वरिष्ठ अधिवक्ता, समाजसेवी एवं पूर्व विधायक हुकुम चंद्र तिवारी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर एक भव्य अभिनंदन ग्रंथ प्रकाशित किया जाएगा। इसके लिए समाज के विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य नागरिकों, शिक्षाविदों, साहित्यकारों एवं प्रबुद्धजनों से लेख आमंत्रित किए गए हैं। साथ ही उनके नागरिक अभिनंदन का भी आयोजन किया जाएगा।
इस संबंध में जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा में 27 जून को कुलपति एवं अभिनंदन ग्रंथ समिति के अध्यक्ष प्रो. डॉ. अनूप गुप्ता की अध्यक्षता में बैठक आयोजित हुई। बैठक का संचालन समिति के सचिव डॉ. देव प्रकाश ने किया। इस अवसर पर प्रधान संपादक डॉ. उमेश चंद्र शर्मा, संपादक चंद्र प्रताप सिंह सिकरवार तथा उप सचिव डॉ. अशोक सिकरवार सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
बैठक को संबोधित करते हुए प्रो. डॉ. अनूप गुप्ता ने कहा कि लगभग 90 वर्ष की आयु प्राप्त कर चुके हुकुम चंद्र तिवारी ब्रज की प्रमुख विभूति एवं अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने समाज, न्याय और जनसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है, जिसे भावी पीढ़ियों तक पहुंचाना आवश्यक है।
बैठक में निर्णय लिया गया कि तिवारी के जीवन, व्यक्तित्व, सामाजिक योगदान और सार्वजनिक सेवाओं पर आधारित लगभग 300 पृष्ठों का अभिनंदन ग्रंथ तैयार किया जाएगा। इसका विमोचन जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा के सभागार तथा उनके पैतृक क्षेत्र स्थित बलदेव पब्लिक स्कूल, बलदेव में आयोजित भव्य समारोह में किया जाएगा। इसी अवसर पर उनका नागरिक अभिनंदन भी किया जाएगा।
समिति ने समाज के विभिन्न वर्गों के विद्वानों, साहित्यकारों, अधिवक्ताओं, शिक्षकों, पत्रकारों एवं अन्य गणमान्य नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे हुकुम चंद्र तिवारी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर अपने लेख भेजकर इस अभिनंदन ग्रंथ को समृद्ध बनाने में सहयोग करें।
ज्ञात हो कि इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए ‘श्री हुकुम चंद्र तिवारी अभिनंदन ग्रंथ समिति’ का गठन किया गया है। समिति के संरक्षक आचार्य श्रीवत्स गोस्वामी, अध्यक्ष प्रो. डॉ. अनूप गुप्ता, उपाध्यक्ष कपिल देव उपाध्याय, सचिव डॉ. देव प्रकाश शर्मा, उप सचिव डॉ. अशोक सिकरवार, कोषाध्यक्ष दीपक गोयल तथा सम्मानित सदस्यों एवं संपादक मंडल में विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित हस्तियों को शामिल किया गया है।