संचारी रोग की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कसी कमर।

=डेंगू व मलेरिया के मरीजों को किया जा रहा है चिह्नित: सीएमओ

=घर-घर आशा कार्यकर्ता करेगी डेंगू, मलेरिया व बुखार से पीड़ित मरीजों का उपचार

सौरभ पाठक की रिपोर्ट।

अलीगढ़। जनपद अलीगढ़ में डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड व बुखार से पीड़ित मरीजों का उपचार किया जा रहा है । प्रदेश सरकार के निर्देश पर कोविड संवेदीकरण, ज्वर पीड़ित व्यक्तियों व नियमित टीकाकरण से छूटे बच्चों व 45 वर्ष से अधिक आयु वाले वर्ग में कोविड टीके की पहली डोज प्राप्त न करने वाले व्यक्तियों के चिंहिकरण तथा सूचीबद्ध किए जाने हेतु संक्रामक रोगों को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से यह विशेष अभियान 07 सितम्बर से संचालित हो चुका है। जो आगामी 16 सितम्बर तक चलेगा।

इस सम्बन्ध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आनन्द उपाध्याय ने कहा कि जिस तरह से हम सभी ने मिलकर कोरोना नाम की बीमारियों पर काबू पा लिया था। उसी प्रकार फिर हमारी आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर भ्रमण कर लोगों से सकामण रोगों जैसे डेंगू, मलेरिया, बुखार व कोरोना और टीबी रोग जैसी जनित बीमारियों के बारे में लोगों को जागरूक कर रही है। जिससे कि संक्रामक रोगों पर समय रहते काबू पा लिया जा सके।

इस सम्बन्ध में संक्रामक रोग के नोडल अधिकारी व जिला मलेरिया अधिकारी डॉ राहुल कुलश्रेष्ठ ने बताया कि जिले में 57 टीम संक्रामक रोगों को खोजने के लिए बनाई गई है। जो प्रतिदिन की रिपोर्ट मुख्यालय पर देते हैं। रिपोर्ट के आधार पर जहाँ पर स्वास्थ्य शिविर की जरूरत होती है तो स्वास्थ्य विभाग की ओर से शिविर लगाकर लोगों की कोविड-19 की जांच, डेंगू व मलेरिया एवं बुखार की जांच अथवा दवा भी निःशुल्क तौर पर बांटी जाती है।

जिला मलेरिया अधिकारी डॉ राहुल कुलश्रेष्ठ ने बताया कि अगर हम अपने घरों के आस-पास पानी इकट्ठा न होने दें जिससे संक्रामक रोग नहीं फैलेंगे। उन्होंने कहा कि जमा पानी में मिट्टी का तेल डाल दें या गड्डे को मिट्टी से भर दें और अगर बुखार हो तो नजदीकी सरकारी अस्पताल में अपना इलाज कराएं और झोलाछाप जैसे डाक्टरों के चक्करों में न पड़ें यह आपके जीवन पर भारी हो सकता है।

प्राइवेट अस्पताल रोजाना दें मरीजों का अपडेट: सीएमओ डॉ आनंद उपाध्याय ने निर्देश दिया है कि प्राइवेट डाक्टर और चिकित्सालय अपने यहां आने वाले बुखार, मलेरिया और डेंगू व टाइफाइड जैसी बीमारियों के मरीजों का विवरण प्रतिदिन सीएमओ कार्यालय के आईडीएसपी सेल में देना सुनिश्चित करें। उक्त सूचना ना देने वालों के खिलाफ एपीडेमिक एक्ट के अंतर्गत कार्यवाही की जा सकती है। प्राइवेट अस्पताल संचालक भी अपने अस्पतालों में फीवर हेल्प डेस्क बनाएं और संक्रामक नियंत्रण रोगों के लिए प्रोटोकॉल का पालन करना सुनिश्चित करें।

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