•वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में सुरक्षा, फेक न्यूज पर कार्रवाई, बाढ़ प्रबंधन और राजस्व मामलों के समयबद्ध निस्तारण पर दिया जोर।
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों एवं जिलाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर कांवड़ यात्रा, बाढ़ राहत, कानून-व्यवस्था तथा जनकल्याण से जुड़े विभिन्न विषयों पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सम्मान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने अधिकारियों को कांवड़ संघों से लगातार संवाद बनाए रखने तथा कांवड़ मार्गों पर स्ट्रीट लाइट, स्वास्थ्य शिविर, स्वच्छता और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ड्रोन, सीसीटीवी और पुलिस पेट्रोलिंग के माध्यम से यात्रा मार्गों एवं घाटों पर चौबीसों घंटे सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने को कहा।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर पुलिस की 24 घंटे निगरानी रखने और फेक न्यूज फैलाने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही जनप्रतिनिधियों से नियमित संवाद बनाए रखने तथा राजस्व मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने चकबंदी विवादों का समाधान पूरी निष्पक्षता और मेरिट के आधार पर करने के निर्देश दिए, ताकि सामाजिक सौहार्द प्रभावित न हो।
मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली की समीक्षा करते हुए कहा कि कोटेदारों का उत्पीड़न और ओवर बिलिंग किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भ्रष्टाचार के मामलों में विजिलेंस जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।
बाढ़ एवं सूखे की स्थिति पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हर नागरिक की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है। कम वर्षा वाले क्षेत्रों में उपलब्ध सिंचाई संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि तीन दिनों के भीतर सभी राहत शिविर पूरी तरह तैयार हों तथा वहां बच्चों के लिए दूध और पौष्टिक भोजन की समुचित व्यवस्था की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां आवश्यकता हो वहां बड़ी नौकाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा जिलाधिकारी स्वयं राहत एवं बचाव कार्यों की नियमित निगरानी करें। तटबंधों की 24 घंटे पेट्रोलिंग सुनिश्चित की जाए और अराजक तत्वों पर भी कड़ी नजर रखी जाए।
उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक घंटे मुख्यमंत्री कार्यालय, डीजीपी कार्यालय और संबंधित राहत एजेंसियों को बाढ़ की अद्यतन जानकारी भेजी जाए। साथ ही राज्य स्तरीय डैशबोर्ड पर प्रत्येक जिले की बाढ़ की स्थिति रियल टाइम अपडेट की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ प्रभावित 44 जिलों में राहत शिविर, मेडिकल टीमें और बचाव बल पूरी तरह सक्रिय रहें, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।