•कांवड़ मार्ग पर खुले में मांस, मीट व अंडे की बिक्री पर प्रतिबंध, मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई।
रिपोर्ट: मनोज अग्रहरि।
मीरजापुर। गुरु पूर्णिमा एवं आगामी श्रावण मास के दौरान श्रद्धालुओं, कांवड़ियों और आमजन को सुरक्षित एवं शुद्ध खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने विशेष अभियान शुरू किया है। आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, लखनऊ तथा जिलाधिकारी मीरजापुर के निर्देश पर यह अभियान चलाया जा रहा है।
सहायक आयुक्त (खाद्य)-द्वितीय सुशील कुमार सिंह के निर्देशन तथा मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी एन.एन. झा के नेतृत्व में विभागीय टीमों द्वारा जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित खाद्य प्रतिष्ठानों, रेस्टोरेंटों एवं ढाबों का सघन निरीक्षण किया जा रहा है। अब तक 70 खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच कर संचालकों को शासन के निर्देशों से अवगत कराया गया तथा ‘फूड सेफ्टी कनेक्ट’ एप के साइन बोर्ड भी चस्पा कराए गए।
विभाग ने बताया कि श्रावण मास के दौरान कांवड़ यात्रा मार्ग, मंदिर परिसर, शिविर, भंडारे, ढाबे, रेस्टोरेंट, ठेले एवं अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का नियमित निरीक्षण किया जाएगा। इस दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता, भंडारण व्यवस्था, निर्माण तिथि, उपयोग की जा रही सामग्री, लाइसेंस एवं पंजीकरण तथा फूड सेफ्टी कनेक्ट क्यूआर कोड के प्रदर्शन की जांच की जाएगी। मानकों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य कारोबारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने प्रतिष्ठानों में स्वच्छता बनाए रखें, खाद्य सामग्री ढककर रखें, शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करें तथा लाइसेंस एवं पंजीकरण प्रमाणपत्र को प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित करें। साथ ही खाद्य सामग्री का विवरण एवं रेट लिस्ट भी प्रदर्शित करने को कहा गया है, ताकि उपभोक्ताओं एवं श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि कांवड़ यात्रा मार्ग पर खुले में मांस, मीट एवं अंडे की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीमें 24 घंटे सक्रिय रहकर निरीक्षण एवं छापेमारी की कार्रवाई करेंगी।
वहीं विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध, अस्वच्छ या मानकविहीन खाद्य सामग्री की सूचना टोल फ्री नंबर 18001805533 पर देकर विभाग का सहयोग करें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।