30 जुलाई से शुरू होगा सावन, पहले दिन बनेगा शिववास योग; 23 साल बाद सावन सोमवार को नागपंचमी का दुर्लभ संयोग।

Vijaydoot News

नजीबाबाद। हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माने जाने वाले श्रावण मास की शुरुआत इस वर्ष 30 जुलाई 2026 से होगी, जिसका समापन 28 अगस्त 2026 को होगा। सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दौरान शिव भक्त जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और व्रत-पूजन कर भगवान भोलेनाथ की कृपा प्राप्त करने का प्रयास करते हैं।

वे. पा. पंडित मयंक भारद्वाज जी के अनुसार, इस बार सावन मास कई शुभ और विशेष संयोगों के साथ आ रहा है। सावन के पहले दिन ही ‘शिववास योग’ का निर्माण हो रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस योग में भगवान शिव माता पार्वती के साथ कैलाश पर्वत पर विराजमान रहते हैं। इस दौरान भगवान शिव की पूजा-अर्चना और जलाभिषेक करने से साधक को सुख-समृद्धि, सौभाग्य और मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।

23 साल बाद सावन सोमवार को नागपंचमी का संयोग

श्रावण शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि यानी नागपंचमी इस वर्ष 17 अगस्त 2026, सोमवार को मनाई जाएगी। सावन सोमवार के दिन नागपंचमी का यह विशेष संयोग करीब 23 वर्षों बाद बन रहा है। इससे पहले वर्ष 2003 में ऐसा संयोग बना था। ऐसे में सावन का तीसरा सोमवार धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

इस बार सावन में पड़ेंगे चार सोमवार

  • पहला सावन सोमवार: 3 अगस्त 2026
  • दूसरा सावन सोमवार: 10 अगस्त 2026
  • तीसरा सावन सोमवार: 17 अगस्त 2026 (नागपंचमी का संयोग)
  • चौथा सावन सोमवार: 24 अगस्त 2026

पंडित मयंक भारद्वाज जी ने बताया कि सावन मास में विधि-विधान से भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा, जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और व्रत करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं तथा सुख, शांति और समृद्धि का आगमन होता है।

ग्रहों की चाल भी बनाएगी सावन को खास

ज्योतिषीय दृष्टि से भी इस वर्ष का सावन विशेष रहने वाला है। इस दौरान कई प्रमुख ग्रह अपनी चाल में परिवर्तन करेंगे। सावन में सबसे पहले बुध मार्गी होंगे, इसके बाद शुक्र राशि परिवर्तन करेंगे। वहीं मंगल का गोचर होगा और महीने के मध्य में सूर्य सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। जबकि शनि पूरे सावन मास में वक्री अवस्था में रहेंगे।

ग्रहों की इन गतिविधियों का प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ेगा। पंडित मयंक भारद्वाज जी के अनुसार, मेष, कर्क, सिंह, तुला, वृश्चिक और धनु राशि के जातकों के लिए यह समय विशेष रूप से शुभ फलदायी रह सकता है।