प्रभारी मंत्री की समीक्षा बैठक से गैरहाजिर 18 अधिकारियों का जुलाई माह का वेतन रोका गया।

Vijaydoot News
  • जिलाधिकारी आलोक कुमार की कार्रवाई, बिना अनुमति बैठक से अनुपस्थित रहने पर लिया सख्त निर्णय
  • भविष्य में दोबारा लापरवाही पर प्रतिकूल प्रविष्टि देने की चेतावनी

संत कबीर नगर। जनपद के प्रभारी मंत्री श्रीमती विजयलक्ष्मी गौतम की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक से अनुपस्थित रहने वाले 18 अधिकारियों के विरुद्ध जिलाधिकारी आलोक कुमार ने सख्त कार्रवाई करते हुए उनके जुलाई 2026 माह के वेतन को अग्रिम आदेश तक अवरुद्ध करने के निर्देश दिए हैं।

जिलाधिकारी ने बताया कि प्रभारी मंत्री के जनपद भ्रमण कार्यक्रम के तहत 26 जुलाई को दोपहर 1 बजे विकास कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। बैठक का मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम भी मुख्य विकास अधिकारी द्वारा पूर्व में जारी कर दिया गया था। इस महत्वपूर्ण बैठक में सभी विभागीय अधिकारियों की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट के साथ उपस्थिति अपेक्षित थी, क्योंकि बैठक में जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए विभिन्न विभागों से जुड़े मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया जाता है।

प्रशासन के अनुसार, यदि किसी अधिकारी को किसी अपरिहार्य कारणवश बैठक में अनुपस्थित होना हो तो इसके लिए जिलाधिकारी से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य है। इसके बावजूद कई अधिकारी बिना सूचना और अनुमति के बैठक में शामिल नहीं हुए, जिससे संबंधित विभागों की योजनाओं की प्रभावी समीक्षा नहीं हो सकी। इस पर प्रभारी मंत्री ने नाराजगी जताते हुए भविष्य में ऐसी लापरवाही न होने की चेतावनी दी।

जिलाधिकारी आलोक कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बिना अनुमति अनुपस्थित रहने वाले 18 अधिकारियों का जुलाई माह का वेतन अग्रिम आदेश तक रोकने के निर्देश दिए हैं। साथ ही स्पष्ट किया है कि भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध मध्यावधि प्रतिकूल प्रविष्टि भी दी जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी की होगी।

जिन अधिकारियों का वेतन रोका गया है, उनमें ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, जल निगम (ग्रामीण एवं शहरी), बाढ़ खंड, सरयू नहर, ड्रेनेज खंड-2, सेतु निगम, विद्युत विभाग (खलीलाबाद एवं मेंहदावल) के अधिशासी अभियंता, मुख्य चिकित्साधिकारी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (मत्स्य), पर्यटन अधिकारी, श्रम प्रवर्तन अधिकारी, जिला दुग्ध विकास अधिकारी, जिला सेवायोजन अधिकारी, आईटीआई के प्रधानाचार्य, कौशल विकास के प्रबंधक तथा सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक (सहकारिता) शामिल हैं।