रिपोर्ट: मनोज अग्रहरि
मीरजापुर। वर्षा, मानसून व श्रावण मास में बढ़ने वाले जनित रोगों पर प्रभावी नियंत्रण के दृष्टिगत जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी विशाल कुमार ने संचारी रोगों को शत प्रतिशत समाप्त करने के उद्देष्य से जनपद के सभी ग्राम पंचायतों, प्राथमिक विद्यालयों में विशेष स्वच्छता अभियान चलाने के दृष्टिगत सम्बन्धित अधिकारियों के साथ जिला पंचायत सभागार में बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिया।
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि प्रायः डायरिया, हैजा, टायफाइड, हेपीटाइटिस, मलेरिया व अन्य तरह के बुखार आदि जैसे रोग दूषित पेयजल और जगह-जगह जल भराव के कारण फैलते है। उन्होंने सभी ग्राम पंचायत अधिकारी सहित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि ग्राम पंचायतों व स्कूलों मे लगे हैण्डपम्पों के पास से जल निकासी की व्यवस्था एक सप्ताह के अन्दर सुनिश्चित करा लिया जाए यदि जल निकासी का उपयुक्त स्थान न हो तो हैण्डपम्प के आस पास सोखपिट बनाकर फोटोग्राफ व व्हाट्सएप पर उपलब्ध कराते हुए अगली बैठक में आख्या प्रस्तुत किया जाए।
उन्होंने कहा कि सरकारी हैण्डपम्पों के जल क्लोरीन और बैक्टीरियोलाजिकल टेस्ट प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए। सभी ग्राम पंचायत अधिकारी इस कार्य हेतु जल निगम व प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों की टीम से समन्वय स्थापित कर सुनिश्चित कराएं।
उन्होंने कहा कि यदि जाॅंच कहीं दूषित जल पाए जाने वाले हैण्डपम्प पर लाल निषान से चिन्हित करते हुए उसे बन्द कराया जाए तथा उसकी मरम्मत और क्लोरीनेषन जांच के बाद ही पुनः चालू किया जाए।
उन्होंने कहा कि अधिकांश जल जनित बीमारियों को रोकने के लिए पक्की नाली या ढलान बनाकर निकासी सुनिश्चित की जाए तथा गांव में यदि कहीं बारिश का पानी इकट्ठा होता हो तो उसकी निकासी की व्यवस्था के साथ ही एंटीलार्वा नियमित रूप से पर्याप्त मात्रा में छिड़काव किया जाए।
उन्होंने सभी ग्राम पंचायत अधिकारी को निर्देषित किया कि स्थलीय निरीक्षण कर कार्य योजना तैयार कर प्रभावी ढंग से कार्य सुनिष्चित करें। जिला बेसिक षिक्षा अधिकारी को निर्देषित करते हुए कहा कि छोटे बच्चों को फुल शर्ट पहनकर आने, हाथ धोने आदि के बारे में जानकारी देते हुए प्रार्थना सभा में संचारी रोग के बचाव के बारे में जन जागरूक भी किया जाए। सभी प्रधानाचार्य बच्चों को सुरक्षित पेयजल पीने और हाथ धोने के प्रति प्रतिदिन जागरूक करें।
मुख्य विकास अधिकारी ने सभी एम0ओ0आई0सी0 को निर्देषित करते हुए कहा कि प्रत्येक प्राथमिक चिकित्सालयों मे ओ0पी0डी0 के दौरान आने वाले मरीजों में बुखार, मलेरिया, टायफाइड, फूड प्वालनिंग के आदि के कितने मरीज आए अलग-अलग सूची बनाते हुए अगली बैठक में प्रस्तुत किया जाए। चुनार, जमालपुर, पहाड़ी तथा नगर क्षेत्र के नटवा में अलग-अलग फायलेरिया, फूड प्वाइजनिंग, टायफाइड आदि मरीज मिलने की शिकायत पर सम्बन्धित प्रभारी चिकित्साधिकारी मौके पर जाकर प्रभावी कार्यवाही ग्राम पंचायत अधिकारी से मिलकर सुनिष्चित कराएं।
जिला पंचायत राज अधिकारी जनपद के समस्त कुआं/कूप के जल की जांच भी कराकर उसे शुद्ध पेयजल हेतु बनाते हुए आवश्यक कार्यवाही करे तथा साप्ताहिक आख्या उपलब्ध कराएं। अधिषासी अधिकारी नगर पालिका परिषद मीरजापुर को निर्देषित करते हुए कहा कि यदि कहीं सीवर व पेयजल का पाइप पास-पास में गया हो तो उसका प्राथमिकता पर जांच कराएं यदि कहीं किसी पाइप का पानी लीक को तो उसे तत्काल मरम्मत सुनिष्चित कराया जाए।
उन्होंने सभी सम्बन्धित अन्र्तविभागीय अधिकारियों को निर्देषित करते हूुए कहा कि जनपद को संचारी रोग शून्य करना हम सभी का दायित्व है अतएव पूरी पारदर्षिता से दिए गए निर्देषों के तहत कार्य किया जाए और शत प्रतिषत संचारी रोग मुक्त जनपद बनाया जा सकें।
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ कीर्ति कुमार मिश्रा सहित सभी अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, प्रभारी चिकित्साधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी राम उदय यादव, अधिषासी अधिकारी नगर पालिका परिषद मीरजापुर गोवा लाल, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी सहित सभी ग्राम पंचायत अधिकारी उपस्थित रहें।