पथरा-तिगोड़वा मार्ग निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों का उग्र प्रदर्शन, दो घंटे सड़क जाम।

Vijaydoot News

धर्मार्थ योजना का टेंडर निरस्त होने से बढ़ा आक्रोश,रोड नहीं तो वोट नहीं’ के लगे नारे।

सिद्धार्थनगर। बहुप्रतीक्षित पथरा-तिगोड़वा मार्ग के निर्माण की मांग को लेकर मंगलवार को क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीणों ने पथरा कस्बे में जोरदार प्रदर्शन किया। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत ग्रामीणों ने लगभग दो घंटे तक पथरा-डिंडई मार्ग जाम कर “रोड नहीं तो वोट नहीं” के नारे लगाए। सूचना मिलते ही नायब तहसीलदार महबूब आलम और पथरा थानाध्यक्ष ओम प्रकाश मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर सड़क का शीघ्र निर्माण कराने की मांग की।

ग्रामीणों का कहना है कि लगभग 15 किलोमीटर लंबा पथरा-डिंडई मार्ग वर्षों से जर्जर अवस्था में है। सड़क जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो चुकी है, जिनमें बरसात के दौरान पानी भर जाने से राहगीरों और वाहन चालकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। यह मार्ग पथरा क्षेत्र को एनएच-28 तथा बांसी-डुमरियागंज मुख्य मार्ग से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है, जिससे प्रतिदिन हजारों लोगों का आवागमन होता है।

प्रदर्शन का नेतृत्व पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशी सुनील पाठक ने किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्रवासी पिछले कई वर्षों से सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग द्वारा अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने बताया कि मार्च 2026 में धर्मार्थ योजना के अंतर्गत सड़क निर्माण का टेंडर प्रकाशित हुआ था, लेकिन मात्र दो दिन बाद उसे निरस्त कर दिया गया, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कुछ वर्ष पूर्व इस मार्ग का निर्माण कराया गया था, लेकिन गुणवत्ता मानकों की अनदेखी के कारण सड़क जल्द ही टूटकर गड्ढों में तब्दील हो गई। वर्तमान में बरसात के मौसम में जलभराव और कीचड़ के कारण लोगों का आवागमन बेहद कठिन हो गया है।

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा तथा वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में क्षेत्र की जनता इसका लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करेगी।
नायब तहसीलदार महबूब आलम ने प्रदर्शनकारियों को आश्वस्त किया कि उनकी मांग संबंधित उच्च अधिकारियों तक पहुंचाई जाएगी और समस्या के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा।

यह मार्ग क्षेत्र के दर्जनों गांवों की जीवनरेखा माना जाता है। इसी मार्ग पर जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि उपेंद्र प्रताप सिंह का आवास स्थित है, जबकि यह क्षेत्र डुमरियागंज विधानसभा के अंतर्गत आता है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की बदहाली से शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और दैनिक आवागमन सभी प्रभावित हो रहे हैं।