रिपोर्ट : सुनील पाण्डेय।
महराजगंज। जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक में लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया गया। बैठक में योजनाओं की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए डीएम ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा मानदेय रोकने के निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों की प्रगति पर चर्चा करते हुए डीएम ने नामित वेंडर को एक सप्ताह के भीतर जिले के शेष 10 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर जन औषधि केंद्र स्थापित करने के निर्देश दिए, ताकि लोगों को सस्ती एवं गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध हो सकें।
डीएम ने स्पष्ट किया कि निरीक्षण के दौरान यदि कोई सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) अनुपस्थित मिलता है तो उसका उस दिन का मानदेय तत्काल प्रभाव से काटा जाएगा। टेलीकंसल्टेशन सेवा में 10 चिकित्सा अधिकारियों द्वारा बेहद कम परामर्श दिए जाने पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया।
आयुष्मान भारत योजना में आयुष्मान कार्ड बनाने की धीमी प्रगति पर बीसीपीएम मुदिता त्रिपाठी (रतनपुर), परमेश्वर शाही (निचलौल) एवं धर्मेंद्र कुमार सिंह (पनियरा) का जुलाई माह का मानदेय रोकते हुए नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। साथ ही पनियरा, निचलौल और रतनपुर के प्रभारी चिकित्साधिकारियों को आयुष्मान वार्डों को मानकों के अनुरूप विकसित करने को कहा गया।
जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा में पनियरा, बृजमनगंज, मिठौरा, फरेंदा और रतनपुर ब्लॉकों की प्रगति असंतोषजनक मिलने पर संबंधित प्रभारी चिकित्साधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। वहीं मातृ मृत्यु की शून्य रिपोर्टिंग वाले बृजमनगंज, धानी, घुघली, महराजगंज, पनियरा और फरेंदा ब्लॉकों को आशा एवं एएनएम के माध्यम से समयबद्ध रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में निष्क्रिय स्टाफ नर्सों को चिन्हित कर उनका स्थानांतरण विकासखंड लक्ष्मीपुर में करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि वहां स्थित एफआरयू को पूरी तरह संचालित किया जा सके।
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस (10 अगस्त 2026) की तैयारियों की समीक्षा करते हुए डीएम ने बताया कि जिले के 1 से 19 वर्ष आयु वर्ग के 14,92,148 बच्चों को स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और मदरसों के माध्यम से एल्बेंडाजोल की गोली खिलाई जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को अभियान का प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने तथा 5 अगस्त से पहले सभी एएनएम, आशा संगिनी, सीएचओ, शिक्षकों और आंगनबाड़ी सुपरवाइजरों का प्रशिक्षण पूरा कराने के निर्देश दिए।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी सभी योजनाएं शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। इनमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करनी होगी।
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुरेंद्र कुमार चौधरी, डीडीओ बी.एन. कन्नौजिया, सीएमएस डॉ. ए.के. द्विवेदी, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश द्विवेदी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।