•चार माह से फरार आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ा, अन्य आरोपियों की तलाश जारी।
लखनऊ। राजधानी के बिजनौर थाना क्षेत्र में उधार के रुपये के लेन-देन को लेकर हुए विवाद के बाद युवक की आत्महत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। करीब चार माह से फरार चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त तरुण गाबा और संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध एवं मुख्यालय) अपर्णा कुमार के निर्देश पर महिलाओं के विरुद्ध अपराधों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। पुलिस उपायुक्त (दक्षिणी) मो. मुस्ताक के पर्यवेक्षण, अपर पुलिस उपायुक्त (दक्षिणी) रल्लापल्ली वंसथ कुमार तथा सहायक पुलिस आयुक्त कृष्णानगर अभिषेक कुमार पाण्डेय के निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक बिजनौर कपिल गौतम के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने आरोपी को गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार, 11 मार्च 2026 को सीमा यादव ने बिजनौर थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उनके पति विजय कुमार यादव ने कुछ लोगों को रुपये उधार दिए थे। जब उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने पैसे लौटाने से इनकार कर दिया और उन्हें लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। आरोप है कि इसी उत्पीड़न से परेशान होकर विजय कुमार यादव ने आत्महत्या कर ली। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने धारा 108 भारतीय न्याय संहिता के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की थी।
जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, स्थानीय सूचना तंत्र और मैनुअल जांच के आधार पर आरोपी सुमित रावत को गिरफ्तार किया। आरोपी सुबेदार खेड़ा का निवासी है और वर्तमान में बदालीखेड़ा, थाना सरोजनीनगर क्षेत्र में रह रहा था। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गिरफ्तार आरोपी के विरुद्ध सरोजनीनगर थाने में पहले से भी दो आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की जा चुकी है। पुलिस अब इस प्रकरण में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आत्महत्या के लिए उकसाने जैसे मामलों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। विवेचना के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर सभी दोषियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस गिरफ्तारी को मामले की जांच में महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।