रिपोर्ट: विजय नागपाल।
मथुरा। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता और व्यवस्थाओं की हकीकत परखने के लिए बीएसए ने बुधवार को छाता और नंदगांव विकासखंड के विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों को लेकर संबंधित शैक्षणिक स्टाफ को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। साथ ही निर्धारित समय में स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए।
बेसिक शिक्षा अधिकारी रतन कीर्ति ने विकासखंड छाता के उच्च प्राथमिक विद्यालय नगला मेवाती, प्राथमिक विद्यालय नगला बंजारा और उच्च प्राथमिक विद्यालय धमसींग का निरीक्षण किया। इसके बाद नंदगांव विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय सुरकारी और उच्च प्राथमिक विद्यालय जरीला पहुंचकर विद्यालयीय व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान शिक्षकों की उपस्थिति, छात्र-छात्राओं की उपस्थिति, पठन-पाठन की स्थिति, शैक्षणिक गतिविधियों और विद्यालय में उपलब्ध व्यवस्थाओं को देखा गया। अपेक्षा के अनुरूप कार्य न मिलने और विभिन्न कमियां पाए जाने पर संबंधित शिक्षकों-शैक्षणिक स्टाफ से जवाब मांगा गया।
बीएसए ने प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों को विद्यालयों में मिली कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के साथ शिक्षण कार्य को प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण बनाया जाए। विद्यालय की सभी व्यवस्थाएं शासन की मंशा के अनुरूप दुरुस्त रखी जाएं।
बीएसए ने स्पष्ट किया कि परिषदीय विद्यालयों में गुणवत्तायुक्त शिक्षा और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। लापरवाही या अनियमितता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि विद्यालयों का औचक निरीक्षण आगे भी जारी रहेगा और कमियां मिलने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


