मथुरा। बेसिक शिक्षा अधिकारी रतन कीर्ति ने मथुरा में अपने एक वर्ष के कार्यकाल को बदलाव, सुधार और सामूहिक प्रयासों से जुड़ा सफर बताया है। उन्होंने कहा कि इस अवधि में विद्यालयों में बेहतर शैक्षिक वातावरण तैयार करने, विद्यार्थियों की उपस्थिति एवं सीखने के स्तर में सुधार, निपुण लक्ष्य और डिजिटल उपस्थिति को प्रभावी बनाने सहित विभिन्न क्षेत्रों में कार्य किए गए।
उन्होंने बताया कि कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) की छात्राओं के लिए नए अवसर उपलब्ध कराने, विद्यालयों की स्वच्छता एवं मूलभूत सुविधाओं में सुधार, शिक्षकों की समस्याओं के त्वरित समाधान तथा प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक संवेदनशील एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में भी प्रयास किए गए।
बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कहा कि इन प्रयासों का श्रेय किसी एक व्यक्ति को नहीं दिया जा सकता। कार्यालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ हजारों शिक्षकों की सामूहिक मेहनत इसका आधार रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों ने कई अवसरों पर विद्यालयों में स्वयं स्वच्छता अभियान में भाग लिया, बच्चों को अतिरिक्त समय देकर पढ़ाया तथा एसआईआर, स्कूल चलो अभियान और जनगणना जैसे दायित्वों का भी पूरी जिम्मेदारी से निर्वहन किया।
उन्होंने कहा कि विभागीय कार्रवाई का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि व्यवस्था में सुधार लाना रहा है। एक वर्ष के दौरान विभिन्न प्रकार के अनुभवों, चर्चाओं, प्रशंसा और सवालों के बीच सत्य, कर्तव्यनिष्ठा और दायित्व के प्रति ईमानदारी को प्राथमिकता दी गई।
उन्होंने कहा कि विद्यालयों में वास्तविक बदलाव तभी संभव है, जब सभी मिलकर उन्हें बेहतर बनाने का संकल्प लें। शिक्षकों और शिक्षा विभाग के सामूहिक प्रयासों से बेसिक शिक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जाएगा।


