Close Menu
Vijaydoot – News PortalVijaydoot – News Portal
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Sunday, September 13
    Vijaydoot – News PortalVijaydoot – News Portal
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • बस्ती मंडल
      • बस्ती
      • संत कबीर नगर
      • सिद्धार्थ नगर
    • उत्तर प्रदेश
      • आगरा मंडल
        • आगरा
        • फिरोजाबाद
        • मैनपुरी
        • मथुरा
      • अलीगढ़ मंडल
        • अलीगढ़
        • एटा
        • हाथरस
        • कासगंज
      • आजमगढ़ मंडल
        • आजमगढ़
        • बलिया
        • मऊ
      • अयोध्या मंडल
        • अयोध्या
        • अमेठी
        • बाराबंकी
        • सुल्तानपुर
      • बरेली मंडल
        • बरेली
        • बदायूं
        • पीलीभीत
        • शाहजहांपुर
      • चित्रकूट मंडल
        • चित्रकूट
        • बांदा
        • हमीरपुर
        • महोबा
      • गोरखपुर मंडल
        • गोरखपुर
        • देवरिया
        • कुशीनगर
        • महाराजगंज
      • झांसी मंडल
        • झांसी
        • जालौन
        • ललितपुर
      • कानपुर मंडल
        • औरैया
        • इटावा
        • फर्रुखाबाद
        • कन्नौज
        • कानपुर देहात
        • कानपुर नगर
      • लखनऊ मंडल
        • लखनऊ
        • हरदोई
        • लखीमपुर खीरी
        • रायबरेली
        • सीतापुर
        • उन्नाव
      • मेरठ मंडल
        • मेरठ
        • बागपत
        • बुलंदशहर
        • गौतम बुद्ध नगर
        • गाजियाबाद
        • हापुड़
      • मुरादाबाद मंडल
        • अमरोहा
        • बिजनौर
        • मुरादाबाद
        • रामपुर
        • संभल
      • प्रयागराज मंडल
        • प्रयागराज
        • फतेहपुर
        • कौशाम्बी
        • प्रतापगढ़
      • सहारनपुर मंडल
        • सहारनपुर
        • शामली
        • शामली
      • मिर्जापुर मंडल
        • मिर्जापुर
        • संत रविदास नगर
        • सोनभद्र
      • वाराणसी मंडल
        • वाराणसी
        • चंदौली
        • गाजीपुर
        • जौनपुर
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • उधम सिंह नगर
      • चंपावत
      • चमोली
      • टिहरी गढ़वाल
      • देहरादून
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • पौड़ी गढ़वाल
      • बागेश्वर
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • राष्ट्रीय
      • अरुणाचल प्रदेश
      • असम
      • आंध्र प्रदेश
      • उत्तर प्रदेश
      • ओडिशा
      • कर्नाटक
      • केरल
      • गुजरात
      • गोवा
      • छत्तीसगढ़
      • झारखंड
      • तमिलनाडु
      • तेलंगाना
      • त्रिपुरा
      • पश्चिम बंगाल
      • नई दिल्ली
      • नागालैंड
      • पंजाब
      • बिहार
      • मणिपुर
      • मध्य प्रदेश
      • महाराष्ट्र
      • मिजोरम
      • मेघालय
      • राजस्थान
    • अंतर्राष्ट्रीय
    • विविध समाचार
      • अपराध
        • हत्या
        • लूट
        • पुलिस मुठभेड़
        • कोर्ट कानून
        • साइबर क्राइम
      • धर्म/आस्था
        • ज्योतिष
        • राशिफल
        • व्रत
        • त्योहार
        • कथा प्रवचन
      • यातायात
        • रेलवे समाचार
        • रोडवेज
        • एयरपोर्ट
      • शिक्षा
        • रोज़गार
      • हेल्थ/फिटनेस
        • घरेलू नुस्खे
      • ब्यूटी फैशन
        • लाइफस्टाइल
      • मौसम समाचार
      • खेल समाचार
      • राजनीति
      • चुनाव
      • उद्योग जगत समाचार
      • मनोरंजन समाचार
      • टेक्नोलॉजी समाचार
      • साहित्य समाचार
      • खाना खज़ाना समाचार
    • गैलरी
      • विशेष तस्वीरें
      • इवेंट
      • घटना स्थल
    • विशेष
      • इंटरव्यू
      • एक्सक्लूसिव
      • ग्राउंड रिपोर्ट
      • विश्लेषण
    • वीडियो
      • वीडियो न्यूज़
      • इंटरव्यू
      • ग्राउंड रिपोर्ट
    • सम्पादकीय
      • विशेष लेख
      • कालम
      • जनमत
    Vijaydoot – News PortalVijaydoot – News Portal
    Home » बस्ती के औद्योगिक विकास की नई इबारत लिखने का समय

    बस्ती के औद्योगिक विकास की नई इबारत लिखने का समय

    P.K. RastogiBy P.K. RastogiJuly 18, 2026
    Vijaydoot News

    •डी डी पांडेय

    विचार मंथन। पूर्वांचल का महत्वपूर्ण जनपद बस्ती अपनी समृद्ध कृषि परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और प्रतिभाशाली मानव संसाधन के लिए जाना जाता है। लेकिन यदि औद्योगिक विकास की बात करें तो यह जिला आज भी अपेक्षित गति नहीं पकड़ पाया है। बढ़ती जनसंख्या, सीमित रोजगार के अवसर और युवाओं का लगातार पलायन इस बात का संकेत है कि अब केवल कृषि आधारित अर्थव्यवस्था से आगे बढ़कर औद्योगिक विकास को प्राथमिकता देनी होगी।

    एक समय बस्ती और वाल्टरगंज की चीनी मिलें इस क्षेत्र की आर्थिक धुरी थीं। इन मिलों ने न केवल हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार दिया, बल्कि स्थानीय व्यापार, परिवहन और छोटे-छोटे उद्योगों को भी जीवंत बनाए रखा। इन मिलों के बंद होने से हजारों परिवारों की आजीविका प्रभावित हुई और पूरे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियाँ कमजोर पड़ गईं।

    बाद में मुंडेरवा चीनी मिल के पुनः संचालित होने से उम्मीद की एक किरण अवश्य दिखाई दी और वर्तमान में रुधौली चीनी मिल भी अपनी भूमिका निभा रही है। लेकिन यह भी सच है कि आज की विशाल आबादी और रोजगार की बढ़ती मांग के सामने केवल चीनी उद्योग पर्याप्त नहीं हैं। बस्ती को खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी, वस्त्र उद्योग, औषधि निर्माण, कृषि आधारित उद्योग, एमएसएमई, वेयरहाउसिंग, लॉजिस्टिक्स और अन्य आधुनिक औद्योगिक इकाइयों की आवश्यकता है।

    यह भी समझना होगा कि कोई भी उद्योग केवल एक फैक्ट्री नहीं होता। उसके साथ हजारों परिवारों की रोजी-रोटी, स्थानीय बाजारों की रौनक, परिवहन, होटल, छोटे दुकानदार, सेवा क्षेत्र और अनेक सहायक व्यवसाय जुड़े होते हैं। जब कोई उद्योग स्थापित होता है तो विकास की एक पूरी श्रृंखला प्रारंभ होती है, और जब कोई उद्योग बंद होता है तो उसका असर दूर-दूर तक दिखाई देता है।

    निश्चित रूप से विकास की कीमत पर्यावरण नहीं हो सकता। प्रत्येक उद्योग को पर्यावरणीय मानकों, प्रदूषण नियंत्रण के नियमों और स्थानीय लोगों के हितों का पूर्ण सम्मान करना चाहिए। लेकिन केवल विरोध के लिए विरोध करना भी किसी क्षेत्र के भविष्य के हित में नहीं है। संवाद, पारदर्शिता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ उद्योग और पर्यावरण के बीच संतुलन स्थापित किया जा सकता है।

    आज आवश्यकता इस बात की है कि सरकार, जनप्रतिनिधि, उद्योग जगत और स्थानीय समाज मिलकर बस्ती को एक नए औद्योगिक मानचित्र पर स्थापित करने का संकल्प लें। बेहतर सड़क और रेल संपर्क, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे तथा पूर्वांचल के विकसित होते बुनियादी ढाँचे का लाभ उठाकर बस्ती निवेश का आकर्षक केंद्र बन सकती है।

    यदि बस्ती में बड़े और मध्यम उद्योग स्थापित होते हैं तो इसका सबसे बड़ा लाभ स्थानीय युवाओं को मिलेगा। उन्हें रोजगार के लिए महानगरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा और जिले की आर्थिक तस्वीर भी बदलेगी।
    समय की मांग स्पष्ट है बस्ती के औद्योगिक विकास की नई इबारत लिखने का। बस्ती को केवल रोजगार खोजने वाला जिला नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाला जिला बनाना होगा। औद्योगिक विकास ही इस परिवर्तन का सबसे मजबूत माध्यम बन सकता है।

    (लेखक स्वतंत्र स्तंभकार हैं, जानकार बस्ती के विकास एवं उन्नति के लिए मुखर रहते हैं एवं विभिन्न फ़ोरम पर समय समय पर अपने विचार रखते हैं)

    Share. WhatsApp Facebook Twitter LinkedIn
    Previous Articleआबकारी विभाग की छापेमारी, 225 किलो महुआ लहन नष्ट; छह लीटर कच्ची शराब बरामद।
    Next Article डीएम की अध्यक्षता में पंचायती राज विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक हुई आयोजित।
    P.K. Rastogi
    • Website
    • Facebook
    • X (Twitter)

    पवन कुमार रस्तोगी पिछले पाँच वर्षों से अधिक समय से पत्रकारिता एवं डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और वर्तमान में न्यूज़ पोर्टल में एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इन्होंने एम.ए., बीएड, पत्रकारिता तथा एलएलबी की शिक्षा प्राप्त की है। इसके अतिरिक्त कंप्यूटर क्षेत्र में एडीसीए तथा कला के क्षेत्र में बॉम्बे आर्ट जैसे पाठ्यक्रम भी पूर्ण किए हैं। समाचार लेखन, संपादन, जनसरोकार से जुड़े विषयों और डिजिटल पत्रकारिता में उनकी विशेष रुचि है। निष्पक्ष, तथ्यपरक और प्रभावशाली पत्रकारिता उनकी कार्यशैली की प्रमुख विशेषता है। वे सामाजिक, राजनीतिक, शैक्षिक एवं जनहित से जुड़े मुद्दों को सरल, सटीक और विश्वसनीय ढंग से पाठकों तक पहुँचाने के लिए निरंतर कार्यरत हैं।

    Related Posts

    ट्रांसफार्मर जलने से चार दिनों से अंधेरे में समौड़ा, ग्रामीणों में आक्रोश।

    September 12, 2026

    बिजली कटौती से नाराज उपभोक्ताओं ने किया सड़क जाम, मार्ग पर लेटकर किया प्रदर्शन।

    September 12, 2026

    नशामुक्त समाज के संकल्प के साथ जागरूकता अभियान का शुभारंभ।

    September 11, 2026
    Leave A Reply

    Don't Miss
    उत्तर प्रदेश

    बारिश-बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत के निर्देश, त्योहारों से पहले दुरुस्त हों प्रमुख मार्ग – सीएम योगी

    By P.K. RastogiSeptember 12, 202615

    लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लखनऊ में उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग के…

    ट्रंप प्रशासन का बड़ा प्रस्ताव: एच-1बी नौकरी गई तो अमेरिका में रुकना होगा मुश्किल।

    September 12, 2026

    कवरेज से रोकना, धमकाना या कैमरा छीनना पड़ सकता है भारी, जानें BNS के तहत पत्रकारों के अधिकार

    September 12, 2026

    इंडियनऑयल, मथुरा रिफाइनरी की सीएसआर पहल के तहत 270 सोलर स्ट्रीट लाइटों का उद्घाटन।

    September 12, 2026
    About Us
    About Us

    विजयदूत समाचार पत्र का प्रकाशन सन् 1972 में प्रारम्भ हुआ । जो भारत नेपाल सीमांचल इलाकों से होते हुए पूर्वी उ0प्र0 में खबरों का एक सशक्त माध्यम बन गया। विजयदूत समय-समय पर अपने पैनी एवं धारदार खबरों से इतिहास का साक्षी बना। इमरजेन्सी का दौर रहा हो या फिर 1984 के सिख विरोधी दंगो का समय रहा हो, विजयदूत अपनी बेबाक टिप्पणी से सत्य को उजागर करता रहा और समाचारों की पड़ताल कर आम जनमानस का लोकप्रिय पत्र बन गया।

    Facebook X (Twitter) YouTube
    Latest News

    बारिश-बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत के निर्देश, त्योहारों से पहले दुरुस्त हों प्रमुख मार्ग – सीएम योगी

    September 12, 2026

    ट्रंप प्रशासन का बड़ा प्रस्ताव: एच-1बी नौकरी गई तो अमेरिका में रुकना होगा मुश्किल।

    September 12, 2026

    कवरेज से रोकना, धमकाना या कैमरा छीनना पड़ सकता है भारी, जानें BNS के तहत पत्रकारों के अधिकार

    September 12, 2026

    इंडियनऑयल, मथुरा रिफाइनरी की सीएसआर पहल के तहत 270 सोलर स्ट्रीट लाइटों का उद्घाटन।

    September 12, 2026
    Most Popular

    कुंडली में पितृ दोष से जीवन में आ सकती हैं कई परेशानियां : पंडित शुभम अग्निहोत्री

    September 10, 202637

    CCTV के सामने राजस्व निरीक्षक पर पांच हजार रुपये लेने का आरोप, लेखपाल पर भी गंभीर सवाल।

    September 5, 202632

    बेटे के जन्मदिन पर शिक्षक ने विद्यालय को भेंट किया कंप्यूटर, बीएसए ने की सराहना।

    September 5, 202631

    फरियादियों की समस्याओं पर डीएम सख्त, मौके पर 79 शिकायतों का हुआ निस्तारण।

    September 5, 202629
    © 2026 www.vijaydoot.com | Designed by www.WizInfotech.com.
    • Home
    • About Us
    • Privacy Policy
    • Terms & Conditions
    • Contact us

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.