•एक जुलाई 2024 से IPC की जगह लागू है भारतीय न्याय संहिता, पत्रकारों के साथ बाधा, धमकी, मारपीट और उपकरण क्षतिग्रस्त करने पर कार्रवाई का प्रावधान।
लखनऊ। पत्रकारों को समाचार कवरेज के दौरान रोकने, धमकाने, गाली-गलौज करने, मारपीट करने अथवा कैमरा, मोबाइल और अन्य उपकरणों को नुकसान पहुंचाने की स्थिति में भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत कार्रवाई की जा सकती है। पत्रकारों के बीच प्रसारित की जा रही एक कानूनी जागरूकता सूचना में विभिन्न परिस्थितियों में लागू होने वाली धाराओं की जानकारी दी गई है।
जानकारी के अनुसार, किसी पत्रकार को कवरेज करने से रोकने या रास्ता बाधित करने की स्थिति में BNS की धारा 126 (सदोष अवरोध) और 127 (सदोष परिरोध) के तहत कार्रवाई का प्रावधान है। वहीं, पत्रकार को धमकाने, गाली-गलौज अथवा मारपीट करने की स्थिति में धारा 351 के तहत आपराधिक धमकी, धारा 352 के तहत शांति भंग करने के इरादे से अपमान तथा चोट पहुंचाने पर धारा 115(2) व गंभीर चोट की स्थिति में धारा 117 के प्रावधान लागू हो सकते हैं।
पत्रकार का कैमरा या अन्य उपकरण क्षतिग्रस्त किए जाने पर संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। सूचना में खबर रोकने के लिए धमकी देकर धन की मांग करने जैसी स्थिति में BNS की धारा 308(2) के तहत जबरन वसूली के प्रावधान का भी उल्लेख किया गया है।
कानूनी जागरूकता संदेश में पत्रकारों को सलाह दी गई है कि घटना होने पर शिकायत में अपना परिचय, कवरेज का उद्देश्य, घटना का पूरा विवरण, आरोपी द्वारा की गई कथित हरकत और क्षतिग्रस्त उपकरण का स्पष्ट उल्लेख करें। साथ ही उपलब्ध फोटो, वीडियो, ऑडियो और अन्य साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है।
हालांकि, किसी घटना में कौन-सी धारा वास्तव में लागू होगी, यह घटना के तथ्यों और पुलिस/जांच एजेंसी के आकलन पर निर्भर करेगा।

