•दिलीप सिंह गहरवार को प्रशासन ने पिछली रात से ही किया था हाउस अरेस्ट।
•श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना ने ईडब्ल्यूएस की विसंगतियां, सवर्ण आयोग का गठन, सवर्णों का शोषण एवं यूजीसी काला कानून को समाप्त करने संबंधी मांगपत्र सौंपा।
मनोज अग्रहरि।
मीरजापुर। श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना द्वारा सवर्ण आयोग के गठन, काला कानून को वापस लेने, एससी एसटी की प्रथा को खत्म कर फर्जी मुकदमे से सवर्णों की रक्षा करने , एवं ईडब्ल्यूएस की संगतियों को दूर करने संबंधी एक मांग पत्र आज उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा जनपद में विंध्याचल क्षेत्र में अपने भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आने वाले थे, जिन्हें श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना द्वारा उक्त मांगों के समर्थन में मांग पत्र सौंपना था। परंतु आज उत्तर प्रदेश में चारों तरफ सवर्ण के लिए अंधकारमय भविष्य दिख रहा है। उत्तर प्रदेश अंधेर प्रदेश बनता जा रहा है। जहां आमजन एवं सवर्णों के लिए इस प्रदेश में जीना शापित होता जा रहा है। जनसेवक तानाशाह शासक बन बैठे हैं, और जनता अपनी पीड़ा अपनी फरियाद भी जब सुनाने का प्रयास कर रही है तो वह मुलजिम ठहरा दी जा रही है। इसी अंधकारमय प्रदेश में सवर्ण का भविष्य अंधकार में अकेला जा रहा है। ईडब्ल्यूएस में भी संगतिया करते हुए एससी एसटी में एक्ट के माध्यम से सवर्णों का शोषण निरंतर हो रहा है । सवर्ण आयोग की मांग सिरे से नकारी जा रही है।
उक्त मांगों के समर्थन में श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह गहरवार के नेतृत्व में जिला इकाई कल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपने वाले थे परंतु बीती रात ही जिला प्रशासन ने उन्हें हाउस अरेस्ट कर लिया और उनके घर पर जाकर ही तहसीलदार दीक्षा पांडे , सिटी मंगला सिंह, देहात कोतवाल अमित मिश्रा द्वारा मय फोर्स उनसे वहीं पर उक्त मांगों के समर्थन में देने वाला पत्रक लिया।
श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के समस्त मिर्जापुर जिला पदाधिकारी एवं सदस्य गण ने मुख्यमंत्री महोदय से उपरोक्त मांगों को स्वीकार करने की मांग किया हैं।
मांग पत्र में वर्णित है कि
ईडब्ल्यूएस की विसंगतिया तत्काल समाप्त करने की मांग करते हैं। यह
देश के अंदर तनाव पैदा कर रहा है। जमीन प्लाट मकान गाड़ी उसको हटाकर ईडब्ल्यूएस 10% है उसे बढ़ाकर 15% किया जाए। ईडब्ल्यूएस का जो सर्टिफिकेट 1 वर्ष के लिए बनता है उसे बढ़ाकर 3 वर्ष किया जाए। भारत देश के अंदर ही यह यहां के नागरिकों को ही तनावयुक्त कर दिया है। इसके अलावा यूजीसी काला कानून देश के अंदर तनाव पैदा कर रहा है। यूजीसी के माध्यम से देश का आम सवर्ण नागरिक पीड़ित हो रहा है और अन्य जातियां जो अपने आप को उनके प्रतिस्पर्धा के माध्यम से उन्हें नीचा दिखाकर उनके ऊपर समाज में अनेक प्रकार से मुकदमे दर्ज कराकर अपना वर्चस्व कायम करना चाहते हैं। और इस काले कानून का पूरा-पूरा दुरुपयोग हो रहा है। इसे तत्काल वापस लिया जाए। किसी प्रकार एस सी/ एस टी के माध्यम से भी देश में न जाने कितने हजार और लाख मुकदमे आरोपित किए गए हैं। कहीं प्रॉपर्टी का कोई मामला है तो कहीं कोई जातिगत दुश्मनी है जिसकी आड़ में एससी एसटी का फर्जी मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है। और सवर्ण जन पीड़ित हो रहे हैं,जिनकी कोई सुनवाई नहीं है। भारत देश रामराज और हिंदुओं का अपना हिंदू राष्ट्र घोषित देश है जहां भगवान राम के वंशज अपने ही घर समाज और देश में लोग आपसी संघर्ष तनाव और प्रतिस्पर्धा का शिकार हो रहे हैं और कानून का भी पूरी तरह से दुरुपयोग हो रहा है।
कहा कि एससी एसटी एक्ट एक काला कानून है इस कानून को तत्काल समाप्त किया जाए। इस कानून की वजह से देश के सभी सवर्णों पर भय की तलवार अभी तक लटक रही है। जबकि 90% से ऊपर मुकदमे फर्जी पाए जाते हैं और पैसे के लिए मुकदमे दर्ज किए जाते हैं और सवर्ण आयोग का गठन सामान्य वर्ग के हित में तत्काल किया जाए जिसके परिपेक्ष में सामान्य वर्ग अपनी फरियाद उस आयोग तक पहुंच कर अपनी पीड़ा से मुक्ति पा सके।
हाउस अरेस्ट के समय पंचम सिंह, डॉक्टर अवनीश सिंह, इंस्पेक्टर सिंह शिवम, अभिषेक सिंह धवल, प्रदीप सिंह, मंगल सिंह, फुलेल सिंह ,धर्मजीत सिंह संजय गुप्ता सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।


