मदरसा बोर्ड परीक्षा-2026 का परिणाम घोषित, 80 हजार से अधिक विद्यार्थी थे पंजीकृत।

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लखनऊ। प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ मंत्री ओम प्रकाश राजभर तथा राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने बताया कि उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद, लखनऊ द्वारा संचालित अरबी एवं फारसी की मुंशी/मौलवी (सेकेंडरी) तथा आलिम (सीनियर सेकेंडरी) बोर्ड परीक्षा वर्ष-2026 का परीक्षा परिणाम शुक्रवार अपराह्न 3 बजे घोषित कर दिया गया।

उन्होंने बताया कि परीक्षा परिणाम परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर देखा जा सकता है।मंत्रियों ने बताया कि वर्ष 2026 में कुल 80,933 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे, जिनमें से 63,211 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 17,722 अनुपस्थित रहे। परीक्षा को पारदर्शी और नकलविहीन बनाने के लिए सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की गई थी, जिसकी निगरानी सीधे मदरसा बोर्ड मुख्यालय से की गई। इस प्रकार परीक्षा शांतिपूर्ण और निष्पक्ष वातावरण में सम्पन्न हुई।

सेकेंडरी (मुंशी-मौलवी) परीक्षा में 62,232 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 47,036 छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए। इस स्तर पर दीनियात, फारसी (अरबी), उर्दू साहित्य, सामान्य अंग्रेजी और सामान्य हिन्दी अनिवार्य विषय रहे, जबकि गणित, गृह विज्ञान, लॉजिक एंड फिलॉसफी, सामाजिक अध्ययन, विज्ञान तथा तिब्ब जैसे विषय वैकल्पिक रूप में उपलब्ध कराए गए।

इसी प्रकार सीनियर सेकेंडरी (आलिम) परीक्षा में 18,701 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 16,175 छात्र-छात्राएं परीक्षा में सम्मिलित हुए। इस स्तर पर भी अनिवार्य और वैकल्पिक विषयों के माध्यम से पारंपरिक शिक्षा के साथ आधुनिक विषयों का समन्वय सुनिश्चित किया गया।

मदरसा बोर्ड की परीक्षाएं 9 फरवरी से 14 फरवरी 2026 के मध्य प्रदेशभर के 277 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में आयोजित की गई थीं। परीक्षा केंद्रों का निर्धारण जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा किया गया था, जिसे राज्य स्तरीय समिति द्वारा अनुमोदित किया गया।

ओम प्रकाश राजभर और दानिश आजाद अंसारी ने सफल छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि यह परिणाम विद्यार्थियों की मेहनत और शिक्षकों के मार्गदर्शन का प्रतिफल है। साथ ही असफल विद्यार्थियों से निराश न होने और पुनः प्रयास कर सफलता प्राप्त करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार मदरसा शिक्षा को आधुनिक एवं रोजगारपरक बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है, जिससे छात्र-छात्राएं मुख्यधारा की शिक्षा और अवसरों से जुड़ सकें।

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