लखनऊ। उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में तैनात अनेक प्रांतीय सिविल सेवा (पीसीएस) अधिकारियों को पिछले दो महीनों से वेतन न मिलने का मामला सामने आया है। इस संबंध में उत्तर प्रदेश पीसीएस (प्रोन्नत) अधिकारी संघ ने शासन को पत्र भेजकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। संघ का कहना है कि नियुक्ति अनुभाग-11 द्वारा समय से वेतन पर्चियां जारी न किए जाने के कारण अप्रैल और मई माह का वेतन आहरित नहीं हो सका है, जिससे अधिकारियों को आर्थिक और मानसिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
संघ के अध्यक्ष विनय कुमार मिश्र ने प्रमुख सचिव, नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग को भेजे पत्र में कहा है कि प्रदेश के कई जनपदों में कार्यरत पीसीएस अधिकारियों को लगातार दो माह से वेतन नहीं मिला है।
संघ के संज्ञान में आए मामलों के अनुसार वेतन भुगतान में देरी का मुख्य कारण नियुक्ति अनुभाग-11 द्वारा संबंधित अधिकारियों की वेतन पर्चियां समय पर जारी न किया जाना है। वेतन पर्ची के अभाव में कोषागार से वेतन का आहरण संभव नहीं हो पा रहा है।
संघ ने अपने पत्र में कहा है कि लगातार दो महीने तक वेतन न मिलने से अधिकारियों को अपने पारिवारिक खर्चों के संचालन में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बच्चों की शिक्षा, गृह ऋण और अन्य ऋणों की मासिक किश्तों के भुगतान, चिकित्सा व्यय तथा दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति प्रभावित हो रही है। इससे अधिकारियों पर आर्थिक दबाव बढ़ने के साथ-साथ मानसिक तनाव भी उत्पन्न हो रहा है।
पत्र में यह भी कहा गया है कि संबंधित अधिकारी फील्ड और सचिवालय स्तर पर पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ अपने शासकीय दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। ऐसे में केवल तकनीकी अथवा प्रक्रियागत कारणों से वेतन का रुक जाना उनके मनोबल पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है।
संघ का मानना है कि नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया होने के बावजूद वेतन पर्चियां जारी करने में हो रही देरी चिंताजनक है।संघ ने शासन का ध्यान इस ओर भी आकर्षित किया है कि अभी तक वेतन पर्चियों के निर्गमन में हो रहे विलंब का कोई स्पष्ट और ठोस कारण सामने नहीं आया है। जबकि यह प्रक्रिया प्रत्येक माह नियमित रूप से पूरी की जाती है। ऐसी स्थिति में अधिकारियों को बिना किसी गलती के वेतन से वंचित रहना पड़ रहा है।
उत्तर प्रदेश पीसीएस (प्रोन्नत) अधिकारी संघ ने प्रमुख सचिव से अनुरोध किया है कि मामले का तत्काल संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जाएं, ताकि लंबित वेतन पर्चियां युद्धस्तर पर जारी की जा सकें और प्रभावित अधिकारियों का अप्रैल एवं मई माह का वेतन शीघ्र भुगतान हो सके।
संघ के अनुसार सीतापुर, बलिया, प्रतापगढ़, लखीमपुर खीरी, सोनभद्र, मैनपुरी, देवरिया, मथुरा, बुलंदशहर, अमरोहा, महाराजगंज, संत कबीर नगर और लखनऊ सहित कई जनपदों के अधिकारी इस समस्या से प्रभावित हैं। दो महीने से वेतन न मिलने के कारण इन अधिकारियों में असंतोष बढ़ रहा है।संघ ने उम्मीद जताई है कि शासन इस गंभीर विषय पर शीघ्र निर्णय लेकर लंबित वेतन भुगतान का मार्ग प्रशस्त करेगा।
प्रशासनिक हलकों में भी इस मामले को गंभीरता से देखा जा रहा है, क्योंकि प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले अधिकारियों के वेतन भुगतान में इतनी लंबी देरी असामान्य मानी जा रही है।