लखनऊ। राजधानी में स्वयं को आईपीएस अधिकारी बताकर लोगों और पुलिसकर्मियों पर रौब गांठने वाले एक शातिर युवक को थाना महानगर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी न केवल चाय दुकानदार से विवाद कर रहा था, बल्कि पुलिस टीम को भी धमकाते हुए खुद को नोएडा में तैनात आईपीएस अधिकारी बताकर सलामी न देने पर सवाल उठा रहा था।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।पुलिस के अनुसार 13 जून 2026 की रात थाना महानगर क्षेत्र के गोल मार्केट चौराहे पर स्थित एक चाय की दुकान पर चाय और बंद (बन) के पैसे को लेकर एक व्यक्ति का दुकानदार से विवाद होने की सूचना मिली थी। सूचना पर रात्रि अधिकारी उपनिरीक्षक आर्यन शर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। वहां एक व्यक्ति चाय दुकानदार वीरू गुप्ता से बहस करता मिला।
पुलिस ने जब उससे नाम और पता पूछते हुए शांत रहने को कहा तो वह पुलिसकर्मियों पर ही रौब झाड़ने लगा। उसने खुद को नोएडा का आईपीएस अधिकारी बताते हुए कहा कि पुलिसकर्मियों ने उसे सलामी क्यों नहीं दी और उनकी कैप कहां है। उसके व्यवहार और दावों पर संदेह होने पर पुलिस ने उससे पहचान पत्र दिखाने को कहा, लेकिन वह कोई पहचान पत्र नहीं दिखा सका और यह कहकर वहां से चला गया कि वह बाद में आई-कार्ड लाकर दिखाएगा।
इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद पुलिस उसकी तलाश में जुट गई। 15 जून को फिर सूचना मिली कि वही व्यक्ति दोबारा गोल मार्केट चौराहे पर चाय की दुकान पर विवाद कर रहा है। मौके पर भारी भीड़ एकत्र हो गई थी। पुलिस ने तत्काल उसे हिरासत में लेकर थाना महानगर लाकर पूछताछ की।
कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी की असलियत सामने आ गई। उसने अपना नाम मिथिलेश शुक्ला पुत्र स्वर्गीय रामबरन शुक्ला निवासी भरतनगर, सीतापुर रोड, थाना मड़ियांव, लखनऊ बताया। आरोपी ने स्वीकार किया कि वह नोएडा के सेक्टर-18 स्थित सैमसंग कंपनी में अकाउंट एग्जीक्यूटिव के पद पर कार्यरत है और कोई आईपीएस अधिकारी नहीं है।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने स्वयं को फर्जी आईपीएस अधिकारी बताकर पुलिसकर्मियों को धमकाया और सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की। इस संबंध में थाना महानगर में मुकदमा संख्या 103/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 132, 204 और 221 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है।पुलिस ने आरोपी मिथिलेश शुक्ला को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
गिरफ्तारी की कार्रवाई उपनिरीक्षक संतोष कुमार, कांस्टेबल शिवकुमार तथा कांस्टेबल मोहित सिंह की टीम द्वारा की गई।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सरकारी पदों का झूठा दावा कर लोगों को गुमराह करने तथा सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। आरोपी का वायरल वीडियो भी जांच का महत्वपूर्ण आधार बना, जिसके चलते उसकी वास्तविक पहचान उजागर हो सकी।
———————