विजय नागपाल।
मथुरा। मोहर्रम की पहली तारीख पर बुधवार को शहर में अकीदत, त्याग और भाईचारे का अद्भुत संगम देखने को मिला। मोहर्रम कमेटी शहर व सदर के तत्वावधान में डीग गेट स्थित गिलगिलिया वाली बगीची से अलम का जुलूस अफजाल बेग पुत्र अजीज बेग के नेतृत्व में सादगी, अनुशासन और धार्मिक श्रद्धा के साथ निकाला गया।
जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने शिरकत कर हज़रत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों को याद करते हुए मातम किया तथा उनके बताए सत्य, इंसानियत और कुर्बानी के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
अलम का जुलूस गिलगिलिया वाली बगीची से रवाना होकर शाही मस्जिद ईदगाह पहुंचा, जहां फातेहा और मातम के बाद नई बस्ती, भैंसा गोदाम, गली अहेरियान, बरवार पाड़ा, मंडी रामदास, ठेक नारनौल, खिड़की बिसायती, हालनगंज और वृंदावन गेट होते हुए जामा मस्जिद चौक बाजार पहुंचा।
जामा मस्जिद चौक बाजार में अलम जमाए गए तथा अखाड़े का प्रदर्शन किया गया। इस दौरान बिरहबांटी सहित कई हैरतअंगेज करतबों ने उपस्थित लोगों को रोमांचित कर दिया और पूरा क्षेत्र “या हुसैन” की सदाओं से गूंज उठा। इसके बाद जुलूस कुशक गली, हनुमान टीला, इमामबाड़ा काजी पाड़ा, चूड़ी वाली ठेक, नककारची टीला, चौक बाजार, घीया मंडी, भरतपुर गेट, मनोहरपुरा और मटिया दरवाजा होते हुए बरवार पाड़ा पहुंचकर संपन्न हुआ।
जुलूस मार्ग पर जगह-जगह लोगों ने शर्बत और सबील लगाकर अकीदतमंदों की सेवा की।
मोहर्रम कमेटी के पदाधिकारियों ने कहा कि मोहर्रम का महीना त्याग, कुर्बानी, इंसानियत और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने सभी से पूरे मोहर्रम माह को शांति, सद्भाव और भाईचारे के साथ मनाने की अपील की।
जुलूस के दौरान प्रशासन द्वारा सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए। पुलिस बल पूरे मार्ग पर तैनात रहा तथा यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखी गई। नगर निगम, बिजली विभाग और जल संस्थान की टीमों ने भी सफाई, रोशनी एवं पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की।
इस अवसर पर मोहर्रम कमेटी के अध्यक्ष भूरा शेख, सचिव अबरार खान वारसी, उपाध्यक्ष जहीर अब्बास जैदी, बबलू कुरैशी, हाजी सूफी सईद हसन, कासिम गाजी, बदले खलीफा, अली अब्बास, नौशाद खान, आरिफ खान, आशिफ चौधरी, नासिर पतग वाले, मंसूर अली सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं अकीदतमंद उपस्थित रहे।