•श्रीमद्भागवत कथा में भगवान के 24 अवतार, गोसेवा और हनुमान चालीसा की महिमा का किया वर्णन।
मथुरा। बरारी क्षेत्र के ग्राम आंवला सुल्तानपुर यौरा स्थित श्री बालाजी मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन कथावाचिका अनुप्रिया किशोरी जी ने श्रद्धालुओं को कथा का रसपान कराते हुए कहा कि प्रभु से बढ़कर कोई सुख और सम्पदा नहीं है। जो श्रद्धापूर्वक श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करता है, उसका जीवन सदैव मंगलमय एवं कल्याणकारी बनता है।
कथा के दौरान उन्होंने भगवान के 24 अवतारों, मां दुर्गा के नौ स्वरूपों, गोमाता की सेवा के महत्व, राजा बलि की कथा तथा गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित हनुमान चालीसा की महिमा का विस्तारपूर्वक वर्णन किया। उनके प्रेरणादायी प्रवचनों से श्रद्धालु भावविभोर हो उठे तथा भजन-कीर्तन के बीच नृत्य एवं संकीर्तन करते हुए कथा का आनंद लिया।
कथा की परीक्षित सावित्री देवी, पत्नी जगपाल चौधरी ने कहा कि यह सब ठाकुर जी की कृपा है, जिसके कारण सभी श्रद्धालु कथा का आनंद प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भगवान गोविंद जिस पर जितनी कृपा करते हैं, उसे उतना ही भागवत कथा का रस प्राप्त होता है।
आयोजन से जुड़े रवि बघेल ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति भागवत कथा से कुछ सीखने और अपने जीवन को बेहतर बनाने की भावना लेकर आता है, तो यह कथा उसे अपेक्षा से कहीं अधिक आध्यात्मिक ज्ञान और जीवन की दिशा प्रदान करती है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से कथा में श्रद्धा और जिज्ञासा के साथ सहभागिता करने का आह्वान किया।