बस्ती। मंदिर परिसर में शराब पीने का विरोध करने पर हुई मारपीट और उसके बाद दर्ज मुकदमे को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। सोमवार को विश्व हिंदू महासंघ के जिलाध्यक्ष अखिलेश सिंह पीड़ित परिवार के साथ पुलिस अधीक्षक से मिले और निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा।
अखिलेश सिंह ने आरोप लगाया कि पीड़ित पक्ष के अनिल यादव के विरुद्ध साजिश के तहत झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया है। उनका कहना था कि वास्तविक आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय निर्दोष लोगों को मुकदमे में फंसाया जा रहा है, जिससे पीड़ित परिवार न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मामले में भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के एक जिला उपाध्यक्ष का संरक्षण आरोपियों को प्राप्त है, जिसके चलते पुलिस की कार्रवाई को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि समुदाय विशेष से जुड़े कुछ पदाधिकारी सोशल मीडिया पर हिंदू संगठनों और हिंदू समाज की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
विश्व हिंदू महासंघ के जिलाध्यक्ष ने चेतावनी दी कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक को दिए ज्ञापन में आरोप लगाया कि मंदिर परिसर में शराब पीने का विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई और बाद में उल्टा उन्हीं के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दिया गया। उन्होंने निष्पक्ष जांच कर निर्दोषों को न्याय दिलाने तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की। पुलिस अधीक्षक ने प्रतिनिधिमंडल को मामले की निष्पक्ष जांच कर विधिसम्मत कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इस दौरान प्रतिनिधिमंडल में सौरभ त्रिपाठी, अर्पण श्रीवास्तव, उपेंद्र सिंह, उज्ज्वल सिंह, शिवलाल प्रेमी, वैभव तिवारी, अभय यादव, दिलीप, अजय, राम निहोरे, सर्वेश, गिरजेश कुमार, विकास, परमात्मा, संगम यादव, बलराम यादव, रामजग, प्रदीप यादव, उमेश, आकाश, हेमंत कुमार, विकास, शहजाद आलम, सचिन, अरविंद, विवेक श्रीवास्तव सहित क्षेत्र के नागरिक एवं विश्व हिंदू महासंघ के अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।