आरआईएस के छात्र-छात्राओं ने सीए कुलदीप अरोड़ा से सीखे वित्तीय प्रबंधन के गुर।

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चार्टर्ड अकाउंटेंट दिवस पर राजीव इंटरनेशनल स्कूल के विद्यार्थियों का शैक्षिक भ्रमण।

मथुरा। राजीव इंटरनेशनल स्कूल के वाणिज्य संकाय के छात्र-छात्राओं ने चार्टर्ड अकाउंटेंट दिवस पर मथुरा वृंदावन स्थित कुलदीप अरोड़ा एण्ड एसोसिएट्स चार्टर्ड अकाउंटेंट फर्म का शैक्षिक भ्रमण किया। छात्र-छात्राओं ने सीए कुलदीप अरोड़ा से ऑडिटिंग, कराधान, वित्तीय प्रबंधन तथा फोरेंसिक अकाउंटिंग जैसे क्षेत्रों के विषय में विस्तार से जानकारी हासिल करने से पहले उनका अभिनंदन किया।

सीए कुलदीप अरोड़ा ने छात्र-छात्राओं को बताया कि एक जुलाई 1949 को इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया की स्थापना हुई, तब से लेकर प्रतिवर्ष एक जुलाई को सीए दिवस मनाया जाता है। श्री अरोड़ा ने छात्र-छात्राओं को बैंकों, उद्योगों, व्यापारिक इकाइयों, सरकारी संगठनों तथा धार्मिक संस्थाओं आदि के ऑडिट की विस्तार से जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि चार्टर्ड अकाउंटेंट्स दिवस केवल पेशेवर उत्सव नहीं बल्कि देश की आर्थिक प्रगति में योगदान देने वाले लाखों पेशेवरों के समर्पण और विशेषज्ञता का सम्मान करने का अवसर भी है। बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था और तकनीकी परिवर्तनों के बीच चार्टर्ड अकाउंटेंट्स लगातार नई चुनौतियों के अनुरूप स्वयं को ढाल रहे हैं। उनकी विशेषज्ञता भारत को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और मजबूत आर्थिक व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

श्री अरोड़ा ने बताया कि डिजिटल अर्थव्यवस्था के विस्तार के साथ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की जिम्मेदारियां पहले की तुलना में कहीं अधिक बढ़ गई हैं। जीएसटी, डिजिटल टैक्सेशन, डेटा एनालिटिक्स, साइबर सुरक्षा, फोरेंसिक ऑडिट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित वित्तीय प्रणालियों के दौर में सीए नई तकनीकों को अपनाकर संस्थानों को बेहतर वित्तीय समाधान उपलब्ध करा रहे हैं। स्टार्टअप, एमएसएमई और नई कम्पनियों के लिए भी उनकी सलाह व्यवसाय की सफलता में महत्वपूर्ण मानी जाती है।

राजीव इंटरनेशनल स्कूल के चेयरमैन मनोज अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा कि हर पेशे का अपना महत्व है। उन्होंने कहा कि देश के आर्थिक विकास, वित्तीय अनुशासन और कारोबारी पारदर्शिता में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की अहम भूमिका होती है। श्री अग्रवाल ने कहा कि आज भारत में लाखों चार्टर्ड अकाउंटेंट्स उद्योग, व्यापार, बैंकिंग, कराधान, लेखा-परीक्षण, वित्तीय परामर्श और सरकारी संस्थानों में अपनी सेवाएं देकर देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रहे हैं।

स्कूल की प्रिंसिपल नंदिता ढींगरा ने कहा कि चार्टर्ड अकाउंटेंट्स किसी भी देश की आर्थिक व्यवस्था के महत्वपूर्ण स्तम्भ माने जाते हैं। वे कम्पनियों और संस्थानों के वित्तीय रिकॉर्ड का परीक्षण कर पारदर्शिता सुनिश्चित करते हैं। कराधान, वित्तीय योजना, निवेश प्रबंधन, कॉर्पोरेट गवर्नेंस और जोखिम प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में उनकी विशेषज्ञता उद्योगों और कारोबार को सही दिशा देने में सहायक होती है। सरकारी नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन और राजस्व संग्रह को मजबूत बनाने में भी सीए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

श्रीमती ढींगरा ने छात्र-छात्राओं को बताया कि कठिन प्रशिक्षण, अनुशासन और विशेषज्ञता के कारण इस पेशे को उच्च सम्मान प्राप्त है। भारत ही नहीं, विदेशों में भी भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की मांग लगातार बढ़ रही है। वित्तीय प्रबंधन, परामर्श, ऑडिट और कराधान जैसे क्षेत्रों में उनके लिए रोजगार और उद्यमिता के व्यापक अवसर उपलब्ध हैं।

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