बस्ती। सहकार भारती ने किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर मंगलवार को जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। संगठन ने सहकारी समितियों में व्याप्त अव्यवस्थाओं, किसान आईडी और खतौनी फीडिंग में तकनीकी खामियों तथा यूरिया-डीएपी की कथित कालाबाजारी पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की।
सहकार भारती के जिलाध्यक्ष ओमकार चौधरी के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि धान की रोपाई और सिंचाई के इस महत्वपूर्ण समय में किसान खाद की कमी और प्रशासनिक अव्यवस्थाओं से जूझ रहे हैं। तकनीकी त्रुटियों के कारण अनेक किसानों की खतौनी का पूरा रकबा पोर्टल पर दर्ज नहीं हो सका है, जिससे उन्हें आवश्यकता के अनुरूप खाद नहीं मिल रही है। वहीं बटाई पर खेती करने वाले किसानों का किसान आईडी न बनने से वे सरकारी व्यवस्था का लाभ लेने से वंचित हैं।
संगठन ने आरोप लगाया कि किसानों को केवल उनकी निर्धारित सहकारी समिति से ही खाद लेने के लिए बाध्य किया जा रहा है, जबकि निकटवर्ती अन्य समितियों से खाद उपलब्ध होने के बावजूद उन्हें वहां से खाद नहीं दी जाती। इससे किसानों का समय और धन दोनों व्यर्थ हो रहे हैं।

ज्ञापन में यह भी कहा गया कि कई सहकारी समितियों और निजी विक्रेताओं द्वारा खाद की उपलब्धता और सरकारी मूल्य सार्वजनिक नहीं किए जा रहे हैं। इसका लाभ उठाकर निजी दुकानों पर यूरिया निर्धारित मूल्य से अधिक, 300 से 400 रुपये प्रति बोरी तक बेची जा रही है। कुछ सहकारी समितियों पर भी किसानों से अतिरिक्त धन वसूलने के आरोप लगाए गए हैं।
सहकार भारती ने मांग की कि प्रत्येक सहकारी समिति पर खाद का स्टॉक और सरकारी मूल्य प्रदर्शित करने के लिए डिस्प्ले बोर्ड लगाए जाएं। साथ ही तहसील स्तर पर विशेष शिविर आयोजित कर किसानों की खतौनी का शत-प्रतिशत फीडिंग कार्य पूरा कराया जाए तथा बटाईदार किसानों के लिए विशेष व्यवस्था कर उन्हें भी खाद उपलब्ध कराई जाए। संगठन ने यह भी मांग की कि किसान जनपद की किसी भी सहकारी समिति से अपनी किसान आईडी के माध्यम से खाद प्राप्त कर सकें।
ज्ञापन में खाद की कालाबाजारी और अवैध टैगिंग करने वालों के खिलाफ संयुक्त छापेमारी अभियान चलाकर आवश्यक वस्तु अधिनियम एवं चोरबाजारी निवारण अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की भी मांग की गई।
इस दौरान जिला उपाध्यक्ष सूर्यमणि पांडेय, जिला मंत्री अशोक चौधरी, जितेंद्र साहनी, सुरेंद्र चौधरी, अनिल यादव, विवेक, शिवकुमार, एडवोकेट अजय कुमार चौधरी, राहुल, अजय चौधरी, अशोक कुमार यादव, विशाल मणि त्रिपाठी, अखिलेश कुमार यादव, कृष्णा, अमरदीप पांडेय सहित सहकार भारती के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।